वैदिक देवताओं के स्वरूप का वर्णन करें।
See Answer →ब्राह्मण ग्रंथों का देशकाल एवं उनके प्रतिपाद्य विषय को बताएं।
See Answer →निपात के लक्षण बताते हुए निपातों के विभाग का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
See Answer →यं क्रन्दसी अवसा तस्तभाने अभ्यैक्षेतां मनसा रेजमाने।
यत्राधिसूर उदितो विभाति कस्मै देवाय हविषा विधेम ।।
See Answer →यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवास् तानि धर्माणि प्रथमान्यासन् ।
ते ह नांक महिमानः सचन्त यत्र पूर्व साध्याः सन्ति देवाः
See Answer →येन कर्माण्यपसो मनीषिणो यज्ञे कृण्वन्ति विदथेषु धीराः ।
यदपूर्व यक्षमन्तः प्रजानां तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु ।।
See Answer →यः सुन्वते पचते दुध आ चिद् वाजं दर्दर्षि स किलासि सत्यः ।
वयं त इन्द्र विश्वह प्रियासः सुवीरासो विदथमा वदेम ।।
See Answer →न्यायदर्शन का परिचय देते हुए न्यायशास्त्र के महत्व का वर्णन करें।
See Answer →समाप्ति का अर्थ, विशेषताएँ एवं स्वरूप स्पष्ट कीजिए।
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सगुण ब्रह्मा का स्वरूप बताते हुए ब्रह्मा का प्रत्यक्ष क्यों संभव नहीं है? स्पष्ट करें।
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शास्त्र प्रवृत्ति को स्पष्ट करते हुए शास्त्र प्रवृत्ति के भेद, उपयोगिता तथा उद्देश्य को स्पष्ट करें।
See Answer →योग के आठ अंगों पर प्रकाश डालें।
See Answer →वेदांत दर्शन का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
See Answer →अध्यास का प्रयोजन एवं अध्यास की कारण सामग्री का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
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