Solve your IGNOU Doubts
Solve your IGNOU Doubts
Question:

Determine the electrostatic force and electrostatic field on a charged particle located at A in the Figure given below due to the charged particles situated at B and C. The value of the charge on each of these particles is indicated in the Figure.

Image ignouassignments-ignouacademy-com--p-doubts-51600

Express your result both in the unit vector notation and as magnitude.

See Answer →
Question:

Explain with the help of diagrams what spherically and cylindrically symmetric charge distributions are. What is the electric field at a point inside a hollow metallic sphere of radius R having volume charge density p?

See Answer →
Question:

Determine the directional derivative of the scalar field equation in the direction equation at the point (1,-1, 2).

 

See Answer →
Question:

Using Stokes' theorem, prove that curl of a conservative force field  is zero everywhere.

See Answer →
Question:

Determine the work done by a forceequation in taking a particle along the curve equation

See Answer →
Question:

If ū is a constant vector show that equation

See Answer →
Question:

किसी तार पर अनुप्रस्थ तरंग का व्यंजक है :

equation

जहां y तथा x cm में तथा 1 सेकंड में हैं। तार के किसी कण की अधिकतम चाल परिकलित करें।

See Answer →
Question:

किसी अवमंदित आवर्त दोलक का गति समीकरण निम्नलिखित है :

equation

जहां m = 0.25kg, y = 0.05kgs-1 तथा k = 70Nm-1 है। (i) दोलन काल, (ii) दोलनों

की संख्या जिसके बाद आयाम का मान उसके आरंभिक मान का आधा रह जाता है, (iii) दोलनों की संख्या जिसके बाद दोलक की यांत्रिक ऊर्जा का मान उसके आरंभिक मान का आधा रह जाता है, परिकलित करें।

See Answer →
Question:

एक सरल आवर्त दोलक का आयाम 15 cm है और यह 50s में 100 दोलन पूरे करता है। (i) इस दोलक का आवर्तकाल और कोणीय आवृत्ति परिकलित करें। (ii) यदि इस दोलक की प्रारंभिक कला /2 है तो इसके विस्थापन और वेग के लिए व्यंजक लिखें। (iii) इसके वेग तथा त्वरण का अधिकतम मान परिकलित करें।

See Answer →
Question:

बृहस्पति की दीर्घवृत्तीय कक्षा के लिए e= 0.05 है और अर्ध-दीर्घ अक्ष 7.8×10-¹¹m है। ग्रह की ऊर्जा तथा रविनीच और रविउच्च बिंदुओं की दूरियां ज्ञात करें।

See Answer →
Question:

एक प्रोटॉन का अज्ञात द्रव्यमान वाले एक कण के साथ सीधा प्रत्यास्थ संघट्टन होता है, जो आरंभ में विरामावस्था में है। संघट्टन के बाद लौटने पर प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा उसकी आरंभिक गतिज ऊर्जा का 16/25 भाग है। अज्ञात द्रव्यमान और प्रोटॉन के द्रव्यमान का अनुपात ज्ञात करें।

See Answer →
Question:

द्रव्यमान 3.0 kg और 1.0 m त्रिज्या वाला एक ठोस बेलन अपने अक्ष के प्रति 40 rad s-¹ की चाल से घूर्णन कर रहा है। 10s में उसे विरामस्थ करने के लिए कितने बल आघूर्ण की आवश्यकता होगी? इसमें कितनी शक्ति का प्रयोग होगा?

See Answer →
Question:

एक ग्रह के केंद्र से दूरी 4.0 × 108m पर एक छोटा उपग्रह ग्रह के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा कर रहा है। उपग्रह की कक्षीय चाल 200 ms-¹ है। ग्रह का द्रव्यमान क्या है? 

See Answer →
Question:

द्रव्यमान 5.0 kg का एक खण्ड विरामावस्था से प्रारंभ करके एक सतह पर नीचे फिसलता है। उस सतह का आकार 3.0m त्रिज्या वाले वृत्त के चतुर्थांश जैसा है। (i) यदि वक्राकार सतह चिकनी हो तो सतह के निम्नतम बिंदु पर खण्ड के चाल की गणना करें। (ii) यदि सतह के निम्नतम बिंदु पर खण्ड की चाल 2.0 ms हो तो जब वह नीचे फिसलता है तो घर्षण के कारण कितनी ऊर्जा का क्षय होता है? (iii) जब खण्ड क्षैतिज सतह पर 2.0 ms की चाल से पहुंचता है, तो वह निम्नतम बिंदु से 1.5m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। खण्ड के कारण क्षैतिज सतह पर लग रहा घर्षण बल ज्ञात करें। g = 10ms-2 लें । 

See Answer →
Question:

द्रव्यमान 0.5 kg वाली एक गेंद 6.0 ms-1 की चाल से पूर्व दिशा की ओर गतिमान है। बल्ले से मारे जाने पर वह अपनी दिशा बदलती है और 5.0 ms की चाल से उत्तर दिशा में गतिमान हो जाती है। यदि टक्कर की अवधि 0.1s हो, तो आवेग और गेंद पर लगने वाला औसत बल परिकलित करें। 

See Answer →
Question:

द्रव्यमान 10 kg वाले एक बक्से को फर्श पर द्रव्यमानहीन रस्सी द्वारा क्षैतिज से 60° के कोण पर 100 N के बल से खींचा जाता है। यदि फर्श और बक्से के बीच गतिक घर्षण गुणांक µε = 0.25 हो तो बक्से के त्वरण की गणना करें। g = 10ms-2 लें । 

See Answer →
Question:

equationके लिए।

See Answer →
Question:

निम्नलिखित साधारण अवकल समीकरणों का हल प्राप्त करें :

 equation

See Answer →
Question:

दो सदिश फलनों

equation के लिए equationपर equation का अवकलज ज्ञात करें।

See Answer →
Question:

बिन्दु (4, 2, 3) पर लग रहे बल F=2i-j+k के कारण बिन्दु (0, 1, 1) के प्रति बल आघूर्ण की गणना करें।

See Answer →
IGNOU NEWS
Assignment Submission Last Date Extended Till 30 June 2026 Click Here★★★IGNOU June 2026 TEE Date Sheet Released Click Here★★★
Top
📞
Call Support Instant phone assistance
🟢
WhatsApp Chat Fast live messaging
Email Us Business enquiries & support