अपने होठों पर पवित्र मुस्कराहट छितराते कबीर झटपट उठ खड़ा हुआ।
हैरत-भरी निगाहों से लोगों के चेहरे पर बारी-बारी से देख रहा था कि ठाकुर
झुंझलाहट दरसाते कहने लगा, 'बावले की तरह टग-भग क्या देख रहा है? तेरे
अहोभाग्य कि देश के मालिक, तीन लोक के नाथ खुद तेरे घार पधारे हैं, तेरी
कारीगरी देखने की खातिर। अब उल्लू की तरह आँखों क्या फाढ़ रहा है? कालीन
या शॉल हो तो नजर कर।"
See Answer →कुछ दिन पहले पूर्णिमा की एक रात राय साहब और उनकी पत्नी चाँदनी में
सैर के लिए निकले थे। ऐसे समय काम से लौटता हुआ अम्माजी का बाप उनके
सामने पड़ गया। इतना बढ़ा आदमी अब क्या पहचानेगा। यह सोचता हुआ यह सिर
झुकाकर आगे बढ़ने लगा। लेकिन राव साहब ने ही उसे पुकारा। वह भी नाम
लेकर। अम्माजी का बापू फूल उठा था। उस पूरी रात घर में उन्हीं लोगों को लेकर
बातें होती रहीं। उसके अगले ही दिन अम्माजी को ले जाकर उसने परिचय कराया था।
See Answer →कुछ समय को मेरा मन उस बाग के सौंदर्य पान से तृप्त होकर अवर्णनीय सुख
अनुभव करने लगा। बाग की ठंडक हवा में घुलकर बह रही थी। कुएं के चारों ओर
तरह-तरह के फूल लगे थे। उनकी सारी सुगंध ठंडी हवा लूटे जा रही थी। नाना
जाति के पक्षियों का कलरव आकाश में, पेड़ों में, पौंधों में सब ओर सुनाई पड़ रहा
था। मेरा हृदय पक्षियों के साथ पक्षी, और फूलों के साथ फूल बन बैठा। तब ऐसा
लगा, पता नहीं क्यों कविगण अनदेखे स्वर्ग का वर्णन करते हैं। जहां सुख होता है वहीं स्वर्ग होता है।
See Answer →Human rights violation.
See Answer →Work place bullying.
See Answer →Corporate Social Responsibility.
See Answer →Aims of HR planning.
See Answer →Virtual Reality.
See Answer →Cross cultural training.
See Answer →Methods of Need assessment.
See Answer →Elaborate upon the various methods of training and development of employees in organizations
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Discuss the various dilemmas being faced by Human Resources (HR) Head due to globalization.
See Answer →Discuss the ways through which work place violence can be prevented.
See Answer →Elaborate upon the process, benefits and methods of performance appraisal systems in organisations.
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