एफ. डब्ल्यू टेलर द्वारा दी गई बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट कीजिए।
See Answer →ट्रस्टशिप पर गाँधीजी के विचारों की चर्चा कीजिए।
See Answer →गृहस्थ धर्म के महत्त्व पर टिप्पणी लिखिए।
See Answer →गीता के अनुसार कर्मसिद्धि के कारण पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
See Answer →योगक्षेम की अवधारणा पर टिप्पणी लिखिए।
See Answer →गीता के अनुसार मानसिक तप को स्पष्ट कीजिए ।
See Answer →आसुरी सम्पत्ति पर टिप्पणी लिखिए।
See Answer →गीता और आयुर्वेद के सम्बन्ध पर विस्तार से लिखिए।
See Answer →गीता के अनुसार दैवी सम्पत्ति पर निबन्ध लिखिए ।
See Answer →प्रस्तुति : जब आप अपने उत्तर से पूर्णतया संतुष्ट हो जाएँ, तो उसे साफ़ और सुंदर अक्षरों में उत्तर पुस्तिका में लिख लीजिए तथा जिन बातों पर आप जोर देना चाहते हैं, उन्हें रेखांकित कर दीजिए।
See Answer →अभ्यास : उत्तर का प्रारूप तैयार करने से पूर्व नोट की गई बातों पर विचार कीजिए। अनावश्यक बातों को हटा दीजिए और प्रत्येक बिन्दु पर विस्तार से विचार कीजिए। निबन्धात्मक या टिप्प्णी परक प्रश्नों में आरम्भ और उपसंहार पर विशेष ध्यान दीजिए। उत्तर के आरम्भिक अंश में प्रश्न की संक्षिप्त व्याख्या और अपने उत्तर की दिशा का संकेत अवश्य दे देना चाहिए। मध्य भाग में आप उत्तर का मुख्य भाग आवश्यक विस्तार के साथ क्रमबद्धता और तार्किक ढ़ग से प्रस्तुत करें। उपसंहार में उत्तर का सार देना चाहिए।
यह सुनिश्चित कर लीजिए कि :
क) आपका उत्तर तार्किक और सुसंगत हो,
ख) उत्तर सही ढ़ग से लिखा गया हो तथा आपकी अभिव्यक्ति शैली और प्रस्तुति के पूर्णतया अनुकूल हो,
ग) आपके लेखन में भाषागत त्रुटियों न हों, विशेष रूप से मात्रा और व्याकरण संबंधी गलतियों से बचें।
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अध्ययन: सबसे पहले सत्रीय कार्य को ध्यान से पढ़िए । फिर इससे संबंधित इकाईयों का सावधानीपूर्वक अध्ययन कीजिए। अंत में प्रत्येक प्रश्न के संबंध में कुछ विशेष बातें नोट कर लीजिए और उन्हें तार्किक ढ़ग से व्यवस्थित कीजिए।
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अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पहले पृष्ठ के दाएँ सिरे पर अनुक्रमांक, नाम, पूरा पता और दिनाँक लिखिये।
See Answer →आदिकवेः वाल्मीकेः महात्म्यम् इति विषयम् आधृत्य एकं लेखं लिखतु ।
See Answer →भारतीसंस्कृतौ आश्रमव्यवस्थाम् इति विषयम् प्रतिभान्य एकं निबन्धं लिखन्तु ।
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