तरंगदैर्ध्य 580 नम वाली समतल प्रकाश तरंग एक लंबी रेखाछिद्र, जिसकी चौड़ाई 0.5 एमएम है, पर आपतित होती है। (I) प्रथम दो निम्निष्ठों के लिए विवर्तन कोण परिकलित करें। (III) यदि रेखाछिद्र की चौड़ाई बदलकर 0.2 एमएम कर दी जाए तो ये कोण किस प्रकार प्रभावित होंगे?
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त्रिज्या वाला एक समतल-उत्तल लेंस एक समतल ग्लास प्लेट पर रखा है तथा इसे एक विस्तारित एकवर्णी स्रोत द्वारा प्रदीप्त किया जाता है। मान लें कि संपर्क बिन्दु आदर्श है। परावर्तित प्रकाश में 10वें तथा 5वें अदीप्त वलयों का व्यास क्रमशः
तथा
है। यदि लेंस तथा ग्लास प्लेट के बीच के स्थान को एक द्रव द्वारा भर दिया जाता है तो 5वें वलय का व्यास परिवर्तित होकर
हो जाता है। यदि प्रयुक्त प्रकाश का तरंगदैर्घ्य
है तो द्रव का अपवर्तनांक परिकलित करें जब वलय (i) अदीप्त तथा (ii) दीप्त है।
दो ट्राइटियम नाभिकों के संलयन से
ऊर्जा विमुक्त होती है । 1 किलोग्राम ट्रिटियम के संलयन में उत्पन्न कुल ऊर्जा का परिकलन करें ।
अर्ध-अनुभवजन्य द्रव्यमान सूत्र का उपयोग करके सर्वाधिक स्थायी नाभिक के लिए परमाणु क्रमांक (atomic number) (Z) का परिकलन कीजिए जिसकी द्रव्यमान संख्या A दी गई हो। के लिए Z0 का परिकलन करें ।
रेडियम के समस्थानिक के अल्फा क्षय
में उत्सर्जित अल्फा कण की गतिज ऊर्जा का परिकलन करें । दिया है :
,
और
।
द्विक-रेखाछिद्र प्रयोग में प्रयुक्त दो प्रकाश पुंजों में से एक प्रकाश पुंज के पथ में एक पतली पारदर्शी पट्टिका रख दी जाती है। फ्रिंज प्रतिरूप विस्थापन का व्यंजक प्राप्त करें।
See Answer → की अर्ध-आयु 5730 वर्ष होती है। होती है। (
मात्रक में) इसका अपघटन नियतांक ज्ञात करें ।
से प्रति सेकेंड होने वाले अपघटनों की दर का भी परिकलन करें ।
ऊर्जा का एक इलेक्ट्रॉन
ऊर्जा के एक विभव रोधिका से टकराता है। यदि सुरंगन प्रायिकता 4.0 प्रतिशत हो तो रोधिका की चौड़ाई का परिकलन करें।
दो समतल ध्रुवित लंबवत् प्रकाश तरंगों के अध्यारोपण के फलस्वरूप उत्पन्न दीर्घवृत्तीय ध्रुवित प्रकाश के लिए व्यंजक प्राप्त करें। सिद्ध करें कि समतल ध्रुवित प्रकाश तथा वृत्तीय ध्रुवित प्रकाश, दीर्घवृत्तीय ध्रुवित प्रकाश की विशेष स्थितियां हैं।
See Answer →व्याख्या करें कि क्या द्रव्यमान m के कण के लिए निम्नलिखित हैमिल्टोनियन के आइगेन फलनों की एक निश्चित पैरिटी होगी :
यदि समतल एकवर्णी विद्युत्-चुंबकीय तरंग के संगत विद्युत् क्षेत्र सदिश आपतन तल में हो तो परावर्तन तथा पारगमन आयाम गुणांकों के व्यंजक व्युत्पन्न करें।
See Answer →एक क्वांटम यांत्रिकी कण निम्नलिखित सोपान विभव पर आपतित होता है$
कण के आपतित और परावर्तित तरंगों के लिए प्रायिकता धारा घनत्व की गणना करें जब E < V0 ।
L लंबाई के बक्से में परिबद्ध (0 < x < L) किसी कण का आइगेन फलन निम्नलिखित है :
i) दिखाइए कि संवेग संकरक का आइगेनफलन नहीं है।
ii) गतिज ऊर्जा का प्रत्याशा मान ज्ञात करें ।
फ्रेनल विवर्तन पैटर्न का स्थानीय विकास चित्रित करें।
See Answer →द्वि-रेखाछिद्र विवर्तन पैटर्न में लुप्त क्रमों की व्याख्या करें।
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किसी कण का प्रसामान्यीकृत तरंग फलन निम्नलिखित है$
निर्धारित करें
i) x का वह मान जिस पर प्रायिकता घनत्व फलन अधिकतम हो, और
ii) कण के और
के बीच पाए जाने की प्रायिकता।
परावर्तन द्वारा प्रकाश ध्रुवण की व्याख्या करें। आपतित प्रकाशा के आपतन कोण पर ध्रुवण की निर्भरता की समीक्षा करें।
See Answer →एक मूल कण का औसत क्षय जीवनकाल है। इसकी ऊर्जा के मापन में न्यूनतम अनिश्चितता की गणना करें। इसके अलावा, द्रव्यमान- ऊर्जा तुल्यता का प्रयोग करके इसके द्रव्यमान के मापन में न्यूनतम अनिश्चितता की गणना करें।
इलेक्ट्रॉनों को से त्वरित किया जाता है और वे
के अंतरपरमाण्विक अंतराल वाले क्रिस्टल पर आपतित होते हैं। दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य और प्रथम कोटि का ब्रैग विवर्तन कोण ज्ञात करें।
प्रकाश विद्युत प्रभाव के एक प्रयोग में यह देखा गया कि जब तरंगदैर्ध्य का प्रकाश किसी धातु पर आपतित होता है, तो मापी गई प्रकाश विद्युत धारा,
के विभव पर शून्य हो जाता है। धातु का कार्य-फलन और प्रकाश विद्युत प्रभाव के लिए उसकी अंतक आवृत्ति ज्ञात करें।