किसी तार पर अनुप्रस्थ तरंग का व्यंजक है :
y(x, t) = 10 sin (6.0t - 0.05x)
जहां y तथा x cm में तथा सेकंड में हैं। तार के किसी कण की अधिकतम चाल परिकलित करें।
See Answer →मुक्त आकाश में विद्युत् चुंबकीय तरंग के संगत विद्युत् क्षेत्र का व्यंजक है :
तरंग की तरंग संख्या, आवृति तथा संचरण दिशा निर्धारित करें तथा संगत चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण और दिशा निर्धारित करें।
See Answer →मुक्त आकाश में मैक्सवेल समीकरणों का प्रयोग करके विद्युत् तथा चुंबकीय क्षेत्र सदिशों के लिए तरंग समीकरण व्युत्पन्न करें।
See Answer →एक अनंत लंबे सीधे तार में विद्युत् धारा प्रवाहित हो रही है। बायो-सावर्ट नियम का अनुप्रयोग कर सिद्ध करें कि तार के लंबवत् दिशा में स्थित किसी बिन्दु पर इस धारा के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र, तार से इस बिन्दु की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती है।
See Answer →एक क्षैतिज, सीधा तार, जिसमें पश्चिम से पूर्व दिशा में 12.0 A धारा प्रवाहित हो रही है, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र B में रखा है। इस स्थान पर B पृथ्वी की सतह के समांतर है। B का परिमाण तथा इसकी दिशा क्रमशः 0.04 mT तथा उत्तर की ओर है। तार की 1 m लंबाई पर लगने वाला चुंबकीय बल परिकलित करें। यदि तार की इस लंबाई का द्रव्यमान 50 g है तो तार में प्रवाहित धारा का वह मान परिकलित करें जिसके कारण उत्पन्न चुंबकीय बल, तार के भार को संतुलित कर सके।
See Answer →1.5V बैटरी द्वारा आवेशित करने के फलस्वरूप किसी संधारित्र की ऊर्जा का मान 4.0 µJ है। यदि इस संधारित को 6.0V बैटरी द्वारा आवेशित किया जाए तो इसकी ऊर्जा का मान परिकलित करें।
See Answer →परावैद्युत पदार्थ के ध्रुवण से आप क्या समझते हैं? सिद्ध करें कि जब किसी संधारित्र की प्लेटों के बीच परावैद्युत पदार्थ भर दिया जाता है तो उसकी धारिता का मान K गुना बढ़ जाता है जहां K पदार्थ का परावैद्युतांक है।
See Answer →4C और 2C आवेश वाले दो आवेशित कणों को 1m लम्बे एक सीधे तार पर रखा गया है। आवेशों को जोड़ने वाली रेखा पर वह बिंदु निर्धारित करें जिस पर निकाय का विद्युत् विभव धन आवेश के सापेक्ष शून्य हो।
See Answer →किसी अवमंदित आवर्त दोलक का गति समीकरण निम्नलिखित है :
जहां m = 0.25kg, y = 0.05kgs-1 तथा k = 70Nm 1 है। (i) दोलन काल, (ii) दोलनों की संख्या जिसके बाद आयाम का मान उसके आरंभिक मान का आधा रह जाता है, (iii) दोलनों की संख्या जिसके बाद दोलक की यांत्रिक ऊर्जा का मान उसके आरंभिक मान का आधा रह जाता है, परिकलित करें।
एक सरल आवर्त दोलक का आयाम 15 cm है और यह 50s में 100 दोलन पूरे करता है। प्रारंभिक कला /2 है तो इसके विस्थापन और वेग के लिए व्यंजक लिखें। (iii) इसके वेग तथा त्वरण का अधिकतम मान परिकलित करें।
इस दोलक का आवर्तकाल और कोणीय आवृत्ति परिकलित करें। (ii) यदि इस दोलक की
See Answer →बृहस्पति की दीर्घवृत्तीय कक्षा के लिए 0.05 है और अर्ध-दीर्घ अक्ष 7.8×10¹¹m है। ग्रह की ऊर्जा तथा रविनीच और रविउच्च बिंदुओं की दूरियां ज्ञात करें।
See Answer →एक प्रोटॉन का अज्ञात द्रव्यमान वाले एक कण के साथ सीधा प्रत्यास्थ संघट्टन होता है, जो आरंभ में विरामावस्था में है। संघट्टन के बाद लौटने पर प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा उसकी आरंभिक गतिज ऊर्जा का 16/25 भाग है। अज्ञात द्रव्यमान और प्रोटॉन के द्रव्यमान का अनुपात ज्ञात करें।
See Answer →द्रव्यमान 3.0 kg और 1.0 m त्रिज्या वाला एक ठोस बेलन अपने अक्ष के प्रति 40 rad s-1की चाल से घूर्णन कर रहा है। 10s में उसे विरामस्थ करने के लिए कितने बल आघूर्ण की आवश्यकता होगी? इसमें कितनी शक्ति का प्रयोग होगा?
See Answer →निम्नलिखित चित्र में दिखाए गए आवेशित कण A पर आवेशित कणों B और C के कारण आरोपित स्थिर वैद्युत् बल तथा विद्युत् क्षेत्र निर्धारित करें। इन कणों पर स्थित आवेशों के मान चित्र में दिखाए गए हैं।
आप अपना उत्तर एकक सदिश निरूपण तथा परिमाण दोनों पदों में लिखें।
See Answer →एक ग्रह के केंद्र से दूरी 4.0 × 108 m पर एक छोटा उपग्रह ग्रह के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में परिक्रमा कर रहा है। उपग्रह की कक्षीय चाल 200 ms -1 है। ग्रह का द्रव्यमान क्या है?
See Answer →द्रव्यमान 5.0 kg का एक खण्ड विरामावस्था से प्रारंभ करके एक सतह पर नीचे फिसलता है। उस सतह का आकार 3.0m त्रिज्या वाले वृत्त के चतुर्थांश जैसा है। (i) यदि वक्राकार सतह चिकनी हो तो सतह के निम्नतम बिंदु पर खण्ड के चाल की गणना करें। (ii) यदि सतह के निम्नतम बिंदु पर खण्ड की चाल 2.0 ms -1 हो तो जब वह नीचे फिसलता है तो घर्षण के कारण कितनी ऊर्जा का क्षय होता है? (iii) जब खण्ड क्षैतिज सतह पर 2.0 ms -1 की चाल से पहुंचता है, तो वह निम्नतम बिंदु से 1.5m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। खण्ड के कारण क्षैतिज सतह पर लग रहा घर्षण बल ज्ञात करें। g = 10ms -2 लें ।
See Answer →द्रव्यमान 0.5 kg वाली एक गेंद 6.0 ms -1 की चाल से पूर्व दिशा की ओर गतिमान है। बल्ले से मारे जाने पर वह अपनी दिशा बदलती है और 5.0 ms -1 की चाल से उत्तर दिशा में गतिमान हो जाती है। यदि टक्कर की अवधि 0.1s हो, तो आवेग और गेंद पर लगने वाला औसत बल परिकलित करें।
See Answer →द्रव्यमान 10 kg वाले एक बक्से को फर्श पर द्रव्यमानहीन रस्सी द्वारा क्षैतिज से 60° के कोण पर 100 N के बल से खींचा जाता है। यदि फर्श और बक्से के बीच गतिक घर्षण गुणांक µε = 0.25 हो तो बक्से के त्वरण की गणना करें। g = 10ms-2 लें ।
See Answer →चित्रों की मदद से समझाएं कि गोलीय तथा बेलनी सममिति वाले आवेश वितरणों का क्या अर्थ है। त्रिज्या R वाले एक खोखले धात्विक गोले का, जिस पर आयतन आवेश घनत्व p है, गोले के भीतर एक बिंदु पर विद्युत् क्षेत्र प्राप्त करें।
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