लौह युग के दौरान चिकित्सा के क्षेत्र में उपलब्धियों को सूचीबद्ध कीजिए और उनका विवरण दीजिए।
See Answer →यदि दिया गया हो कि हीलियम का मोलीय प्रतिचुबकीय प्रवृत्ति 1.9 × 10-6 cm³ mol -1 है तो हीलियम परमाणु की औसत त्रिज्या परिकलित करें।
See Answer →पुनर्जागरण काल में वैज्ञानिक क्रांति पर लेख लिखिए।
See Answer →यदि टिन में एक कूपर युग्म को तोड़ने के लिए आवश्यक फोटान का अधिकतम तरंगदैर्ध्य 1.08 × 10 -3 m हो, तो अंतराल ऊर्जा परिकलित करें।
See Answer →एक नैज अर्धचालक में T=300 K पर फर्मी स्तर की स्थिति को निर्धारित करें यदि दिया गया हो कि बैंड अंतराल 0.75eV और mh*=6me* है।
See Answer →जस्ते के प्रतिदर्श में जब 2.0 T चुंबकीय क्षेत्र में 1.5A धारा प्रवाहित किया जाता है, तब हाल विभव का मान 4.45 µV होता है। प्रतिदर्श की चौड़ाई 0.03mm है। चालक सान्द्रता परिकलित करें।
See Answer →चांदी में इलेक्ट्रॉन का विश्रांति काल परिकलित करें। मान लें कि चांदी का प्रत्येक परमाणु चालन के लिए एक इलेक्ट्रॉन का योगदान करता है। दिया गया है कि चांदी का घनत्व 10.5×103 kg m-3 है, चांदी की चालकता 6.8 × 107 -1 m¯¹ है और चांदी का परमाण्विक भार 107.9 u है।
एक घनीय जालक के लिए आयतन प्रत्यस्थता गुणांक का व्यंजक व्युत्पन्न करें।
See Answer →तांबे का डिबाई तापमान 340 K और फर्मी तापमान 81000 K है। निर्धारित करें कि किस तापमान पर ऊष्मा-धारिता में क्रिस्टल जालक कंपन का योगदान (डिबाई सिद्धांत के अंतर्गत) और चालन इलेक्ट्रॉनों का योगदान (मुक्त इलेक्ट्रॉन सिद्धांत के अंतर्गत) बराबर हो जाते हैं।
See Answer →द्रव्यमान M और m वाले दो भिन्न प्रकार के परमाणुओं की एक रैखीय श्रृंखला में k=0 पर प्रकाशीय शाखा में दोनों परमाणुओं का विस्थापन क्रमशः य और v है। सिद्ध करें कि :
.
दो परमाणुओं के बीच अन्योन्यक्रिया ऊर्जा है जहां r अंतरापरमाणुक दूरी है।
सिद्ध करें कि परमाणुओं के संतुलन में होने के लिए होना चाहिए और स्थायी संतुलन में आकर्षक ऊर्जा विकर्षक ऊर्जा का सात गुणा है।
घनानंद की कविता में प्रेम और सौंदर्य
See Answer →रहीम के काव्य में लोक जीवन
See Answer →फलक केंद्रित जालक के लिए ज्यामितीय संरचना गुणक निर्धारित करने वाले प्रतिबंध की व्युत्पत्ति करें। क्या एक fcc संरचना में (111) और (211) समतलों से विवर्तन प्रक्षित है?
See Answer →मीराबाई अपने समय के पुरुष संत कवियों से किस प्रकार भिन्न हैं, स्पष्ट कीजिए।
See Answer →सिद्ध कि एक अंतः केंद्रित संरचना के व्युत्क्रम जालक में एकक कोष्ठिका का आयतन उसके सामान्य जालक में एकक कोष्ठिका के आयतन के व्युत्क्रमानुपाती है।
See Answer →सतसई परंपरा और 'बिहारी सतसई' पर प्रकाश डालिए।
See Answer →सिद्ध करें कि कोई भी स्वेच्छ व्युत्क्रम जालक सदिश ,सामान्य जालक आकाश में (h,k,l) द्वारा निरूपित समतलों के लंबवत् है।
सूरदास की कविता में वात्सल्य
See Answer →जायसी की भक्ति
See Answer →