ठकुरी बाबा की चारित्रिक विशेषताएँ
See Answer →धोखा' निबंध का प्रतिपाद्य
See Answer →तांबे के कीडे की प्रतीक योजना
See Answer →दम्य जीवन' की विषयवस्तु के प्रति लेखकीय दृष्टिकोण का सोदाहरण विश्लेषण कीजिए।
See Answer →हिन्दी जीवनी साहित्य में 'कलम का सिपाही' एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।" इस कथन की समीक्षा कीजिए
See Answer →लोभ और प्रीति निबंध के भावों का विवेचन करते हुए शुक्लजी की मनोभाव संबंधी अवधारणाओं पर अपना मत प्रस्तुत कीजिए।
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'अंधायुग' के चरित्रों की प्रतीकात्मकता का उल्लेख करते हुए नाटक में वर्णित मूल्य संघर्ष की प्रासंगिकता बताइए।
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यह आत्महत्या होगी प्रतिध्वनि इस पूरी संस्कृति में दर्शन में, धर्म में, कलाओं में शासन-व्यवस्था में आत्मघात होगा बस अंतिम लक्ष्य मानव का
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लोहा बड़ा कठोर होता है। कभी-कभी वह लोहे को भी काट डालता है। उहूँ भाई! मैं तो मिट्टी हूँ- मिट्टी जिसमें से सब निकलते हैं। मेरी समझ में तो मेरे शरीर की धातु मिट्टी है, जो किसी के लोभ की सामग्री नहीं, और वास्तव में उसी के लिए सब धातु अस्त्र बनकर चलते हैं, लड़ते हैं, जलते हैं, टूटते हैं, फिर मिट्टी हो जाते हैं। इसलिए मुझे मिट्टी समझो धूल समझो।
See Answer →कई-कई दिनों के लिए अपने को उससे काट लेती हूँ। पर धीरे-धीरे हर चीज फिर उसी ढर्रे पर लौट आती है। सब-कुछ फिर उसी तरह होने लगता है जब तक कि हम जब तक कि हम नए सिरे से उसी खोह में नहीं पहुँच जाते। मैं यहाँ आती हूँ.... यहाँ आती हूँ तो सिर्फ इसीलिए कि
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चूरन सभी महाजन खाते। जिससे जमा हजम कर जाते ।। चूरन खाते लाला लोग। जिसकी अकिल अजीरन रोग।। चूरन खावैं एडिटर जात। जिनके पेट पचै नहिं बात ।। चूरन साहेब लोग जो खाता। सारा हिंद हजम कर जाता।। चूरन पुलिस वाले खाते। सब कानून हजम कर जाते ।।
See Answer →Victor Turners work
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दिनकर के काव्य में सौंदर्य और प्रेम का स्वर मुखरित हुआ है, सोदाहरण विवेचना कीजिए।
See Answer →Why is re-study in ethnography important? Evaluate with the help of examples.
See Answer →"वेदना महादेवी के काव्य का स्थायी भाव है।" इस कथन की व्याख्या करें।
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Examine how Evans-Pritchard's The Nuer provides an insight into their life ways in the political domain.
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