'मैला आंचल' एक आंचलिक उपन्यास है, उदाहरण देकर सिद्ध कीजिए।
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बाणभट्ट की आत्मकथा' में हजारी प्रसाद द्विवेदी जी ने भारतीय जीवन को किस रूप में चित्रित किया है? सोदाहरण वर्णन कीजिए।
See Answer →धरती धन न अपना' उपन्यास के प्रमुख पुरुष और स्त्री पात्रों पर विचार कीजिए।
See Answer →सूखा बरगद' उपन्यास के आधार पर भारतीय मुसलमानों के भीतर असुरक्षा के डर के कारणों का सोदाहरण विश्लेषण कीजिए।
See Answer →'गोदान' के आधार पर प्रेमचंद की जनतांत्रिक दृष्टि का सोदाहरण विवेचन कीजिए।
See Answer →Social construction feminism
See Answer →Gender stereotype
See Answer →Discuss the status of women in tribal societies.
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Provide a discussion on the concept of gender and differences between gender and sex.
See Answer →सब मिलकर रोओ भरत भाई।
हा ! हा! भारत दुर्दशा न देखी जाई ।।
सबके पहिले जेहि ईश्वर धन बल दीनो।
सबके पहिले जेहि सभ्य विधाता कीनो।।
सबके पहिले जो रूप रंग रस भीनो।
सबके पहिले विद्याफल जिन गहि लीनो ।।
अब सबके पीछे सोई परत लखाई।
हा ! हा ! भारत दुर्दशा न देखी जाई।।
दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात;
एक परदा यह झीना नील छिपाये है जिसमें सुख गात।
जिसे तुम समझे हो अभिशाप,
जगत की ज्वालाओं का मूल,
ईश का वह रहस्य वरदान
कभी मत इसको जाओ भूल;
हमारे निज सुख, दुख निःश्वास
तुम्हें केवल परिहास,
तुम्हारी ही विधि पर विश्वास
हमारा चिार आश्वास
आये अनंत द्वत्कंप ! तुम्हारा अविरत स्पंदन
सृष्टि शिराओं में सञ्चारित करता जीवन;
खोल जगत के शत शत नक्षत्रों से लोचन
भेदन करते अहंकार तुम जग का क्षण-क्षण
सत्य तुम्हारी राज यष्टि, सम्मुख नट त्रिभुवन,
भूप अकिंचन,
अटल शास्ति नित करते पालन !
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