त्रिविक्रमभट्ट के व्यक्तित्व व रचनाओं पर लेख लिखिए ।
See Answer →महाकवि बाणभट्ट की काव्यशैली का वर्णन कीजिए।
See Answer →
प्रयातुमसमाकमियानकियतपादं धरातदंभोधिरपिस्थलायतम्। इतिववाहनिजवेगदर्पितैः पयोधिरोधक्षममुद्धतांरजः ||
See Answer →त्रिदिवसमृद्धिस्पर्द्धया भन्ति यस्यां सुर्सदनशिखाग्रेश्वग्रहग्रन्थिनद्धा। नभसि पवनवेल्लत्पल्लवैरुल्लसद्भिः परममिह वहन्त्यो वैभवं वैजयन्त्यः।।
See Answer →
ये कुंडद्युतयः सर्वभुवनैः कर्णावतंसक्लीदा यः सर्वत्र शलाकायेव लिखितैरदिग्भित्तयश्चित्रिताः। यर्वक्तुं हृदि कल्पितैरपि वयं हर्षेण रोमंचिता स्टेषां पार्थिवपुंगवः स महतामेको गुणानां निधिः।।
See Answer →-इवोपपादयन्ति पवित्रतमिव नयन्ति, चन्द्रापिदमभषे स्वागतमतिथये, कथमिमं भूमिमनुप्राप्तो महाभागः, तदुतिष्ठ, आगम्यतम अनुभूयता मत्तिशाकरः इति। एवमुक्तस्तु तय सम्भाषण-मात्रेणैवानुगृहीतमात्मानं मन्यमान उत्थाय भक्तया कृतप्रणामो भगवती। यथाज्ञापयसि इत्यभिधाय दर्शितविनयः शिष्य इव ता व्रजन्तिमनुव्रज।
जी. वितरति गुरुः प्राज्ञे विद्यां यथैव तथा जदे न तु खलु त्योर्षाने शक्ति करोत्यपहन्ति वा। भवति हि पुनर्भूयान् भेदः फलं प्रति तद्यथा प्रभावति शुचिर्बिम्बग्रहे मनिर्नामेधादयः।।
See Answer →अथवसने मुकीभूतवीना प्रशांतमधुकररुतेव कुमुदिनी सा कन्यका समुत्थाय प्रदक्षिणाकृत्य कृ त्राप्राणामा प्रकृति प्रकृतिध्वलया तपः प्रभावप्राग्लाभ्या अष्टया समाश्वासयन्तिव, पुण्यैरिव स्पृशन्ति तीर्थं जलैरिव प्रक्षालयन्ति, तपोभिरिव पवयन्ति, शुद्धिमिव कुर्वाना, धर्मम्
See Answer →अधितिबोधचरणप्रचारनिर्दशश्चस्रः प्रणयन्नुपाधिभिः।
चतुर्दशत्वं कृत्वान्कुतः स्वयं न वेदमि विद्यासु चतुर्दशस्वयम्।।
See Answer →भारतीय संदर्भ में सुशासन में प्रारंभिक कदमों का वर्णन कीजिए।
See Answer →भारतीय राज्य के संरचनात्मक तथा क्रियात्मक विकास पर एक टिप्पणी लिखिये।
See Answer →भारतीय राज्य के संरचनात्मक तथा क्रियात्मक विकास पर एक टिप्पणी लिखिये।
See Answer →नीति कार्यान्वयन में नौकरशाही की भूमिका की चर्चा कीजिए।
See Answer →भ्रष्टाचार को कम करने के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं तथा कार्यनीतियों का विश्लेषण कीजिए।
See Answer →
प्रशासन में नागरिकों की भागीदारी के मानदंडों के बदलते स्वरूप की व्याख्या कीजिए।
See Answer →गांधीवादी राजनीतिक विचारधारा और उसके ट्रस्टीशिप के सिद्धांत का वर्णन कीजिए।
See Answer →कार्ल माक्र्स तथा मैक्स वेबर के समाज-प्रशासन संबंध की अवधारणा की चर्चा कीजिए।
See Answer →