भौतिकी प्रयोगशाला में प्रयुक्त का सोडियम लैम्प अपने चारों ओर एकसमान प्रकाश उत्सर्जित करता है। विद्युत क्षेत्र का परिमाण परिकलित करें।
0.6c की चाल से गतिमान एक इलेक्ट्रॉन की गति की दिशा में का विद्युत क्षेत्र लगाया जाता है। इलेक्ट्रॉन के त्वरण की गणना करें।
एक कण 0.8c की चाल से गतिमान है। इसके संवेग, गतिज ऊर्जा और कुल ऊर्जा की गणना करें।
See Answer →एक तारा तरंगदैर्ध्य का प्रकाश उत्सर्जित करता है और 0.50c की चाल से पृथ्वी से दूर जा रहा है। प्रेक्षित तरंगदैर्ध्य ज्ञात करें।
एक अंतरिक्ष यान c/2 की चाल से पृथ्वी की ओर गतिमान है और यह एक कनस्तर को प्रक्षेपित करता है जो 0.8c की चाल से गतिमान है। पृथ्वी पर स्थित प्रेक्षक के लिए कनस्तर की चाल ज्ञात करें यदि (i) कनस्तर को सीधे पृथ्वी की ओर प्रक्षेपित किया जाता है और (ii) यदि इसे सीधे पृथ्वी से दूर प्रक्षेपित किया जाता है।
See Answer →एक छड़ की उचित लंबाई 2.0 m है। एक प्रेक्षक इसकी लंबाई 1.6 m मापता है। छड़ की चाल ज्ञात करें।
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IC 555 काल समंजक का उपयोग करके 20 kHz आवृत्ति का वर्ग तरंग जनित करने के लिए अस्थायी बहुकंपित्र डिज़ाइन करें।
See Answer →अपनी पाठ्यसामग्री में चित्र 15.4 देखें जो CRT में इलेक्ट्रॉन किरणपुंज विक्षेपण की ज्यामिति को दर्शाता है। इस CRT में विक्षेपी पट्टियोंकी की लंबाई (L) 3 cm है तथा स्क्रीन और विक्षेपी पट्टियों के केंद्र के बीच की दूरी (R) 12 cm है। ऐनोड पर लागू त्वरक वोल्टता 1200 V और विक्षेपण वोल्टता 80 V हैं । यदि विक्षेपी पट्टियों के किनारे पर इलेक्ट्रॉन किरणपुंज द्वारा अनुभव किया गया विक्षेपण (h) 1 mm है, तो विक्षेपी पट्टियों के बीच की दूरी परिकलित करें। CRT स्क्रीन पर प्रेक्षित विक्षेपण (y) का निर्धारण करें और विक्षेपण संवेदनशीलता परिकलित करें।
See Answer →निम्नलिखित निर्गम व्यंजक देने वाला 2 -चैनल ऑप एम्प परिपथ डिज़ाइन करें।
+5 V से कम निवेश के लिए + 9 V और +5 V से अधिक निवेश के लिए -9 V निर्गम वोल्टताएं देने वाले परिपथ का ऑप एम्प का उपयोग कर के डिज़ाइन करें और परिपथ चित्र खींचें
See Answer →आप ± 10V आयाम और 10 MHz आवृत्ति वाले एक त्रिकोणीय तरंग सिग्नल को प्रवर्धित करना चाहते हैं। इस स्थिति में ऑप एम्प का कौन सा अभिलक्षण महत्वपूर्ण होगा ? इसका न्यूनतम मान क्या होगा ? एक जेनर डायोड का उपयोग करके 7 V निर्गम वोल्टता आर 50 mA अधिकतम लोड धारा दन वाला शंट वोल्टता नियामक डिज़ाइन करें और इसका परिपथ चित्र खींचें। मान लें कि अनियमित निवेश वोल्टता 10 V तथा जेनर प्रचालन की न्यूनतम धारा 10 mA हैं।
See Answer →आप निम्नलिखित रूपांतरण कैसे लाएंगे?
(क) बेंजालिहाइड से सिनामाल्डिहाइड
(ख) बेंजालिहाइड से सिनामिक एसिड में परिवर्तन
(ग) एसीटोफेनोन से डाइनोन
(घ) एसीटोफेनोन से 1,2,3-ट्राइफेनिलबेंजीन
(ङ) एसीटोफेनोन से 1-फेनिल-1,3-ब्यूटानेडियोन में परिवर्तन
See Answer →एक जेनर डायोड का उपयोग करके 7 V निर्गम वोल्टता आर 50 mA अधिकतम लोड धारा दन वाला शंट वोल्टता नियामक डिज़ाइन करें और इसका परिपथ चित्र खींचें। मान लें कि अनियमित निवेश वोल्टता 10 V तथा जेनर प्रचालन की न्यूनतम धारा 10 mA हैं।
See Answer →आप एक ही ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक से प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक अल्कोहल कैसे तैयार करेंगे?
See Answer →अर्ध-तरंग दिष्तकारी में प्रयुक्त परिणामित्र का फेरा अनुपात 30:1 है। प्राथमिक को पावर के मुख्य तार (220 V, 50 Hz) से जोड़ा गया है। अगर डायोड का अग्रदिशिक बायस प्रतिरोध 10 Ω और लोड (RL) प्रतिरोध 1 kΩ है, तो निम्नलिखित परिकलित करें :
i) धारा का शिखर मान, dc मान और rms मान;
ii) ऊर्मिका गुणक
कॉल्पिट दोलित्र का परिपथ चित्र खींचें। इस दोलित्र के दोनो संधास्त्रों के मान 5 nF और प्रेरक का मान 5 mH हो तो इसके दोलन की आवृत्ति परिकलित करें।
See Answer →उच्च आवृत्तियां जनित करने के लिए RC दोलित्रों की तुलना में LC दोलित्रों को वरीयता क्यों दी जाती है ? कला विस्थापन दोलित्र में प्रयुक्त एकल पद प्रवर्धक के स्थान पर वियन-सेतु दोलित्र में द्वि-पद प्रवर्धक का प्रयोग आवश्यक क्यों होता है ?
See Answer →क्राउन ईथर की दो महत्वपूर्ण विशेषताएं बताइए।
See Answer →बहुपदी प्रवर्धक के दो पदों के बीच प्रतिरोध-संधारित्र (RC) युग्मन के क्या लाभ हैं?
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