पृथ्वी सम्मेलन 1992 की अभिलक्षणों का विवेचन कीजिए।
See Answer →सतत विकास के पर्यावरणीय घटकों की संक्षिप्त में विवेचना कीजिए |
See Answer →खाद्य सुरक्षा व सतत् विकास के संबंध पर प्रकाश डालिए।
See Answer →सतत विकास के अर्थ व स्वरूप का विवेचन कीजिए।
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See Answer → बजट चक्र में बजट के लेखाकरण और लेखा परीक्षा के महत्व की चर्चा कीजिए।
शून्य-आधारित बजट कार्य की जाँच कीजिए ।
See Answer →नागरिक घोषणापत्र के सिद्धांतों को उजागर कीजिए।
See Answer →पर्यावरण के प्रति आर्थिक संवृद्धि और शहरीकरण की चुनौतियों की जाँच कीजिए ।
See Answer →विकेन्द्रीकरण से आप क्या समझते हैं?
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See Answer →है अमानिशा; उगलता गगन घन अन्धकारः
खो रहा दिशा का ज्ञान; स्तब्ध है पवर-चार;
अप्रतिहत गरज रहा पीछे अम्बुधि विशाल;
भूधर ज्यों धन-मग्न; केवल जलती मशाल ।
स्थिर राघवेन्द्र को हिला रहा फिर-फिर संशय,
रह-रह उठता जग जीवन में रावण-जय-जय;
जो नहीं हुआ आज तक हृदय रिपु-दम्य-श्रान्त
एक भी. अयुत-लक्ष में रहा जो दुराक्रान्त
कल लड़ने को हो रहा विकल वार बार-बार
असमर्थ मानता मन उद्यत हो हार-हार।
विषमता की पीड़ा से व्यस्त
हो रहा स्पंदित विश्व महानः
यही दुख सुख विकास का सत्य
यही भूमा का मधुमय दान।
नित्य समरसता का अधिकार,
उमड़ता कारण जलधि समान;
व्यथा से नीली लहरों बीच
बिखरते सुख मणि गण द्युतिमान।
सब गुरुजन को बुरी बतावै।
अपनी खिचड़ी अलग पकावै।
भीतर तत्व न झूठी तेजी।
सखि सज्जन नहिं अंगरेजी।
तीन बुलाए तेरह आवैं।
निज निज बिपता रोई सुनावैं।
आँखों फूटे भरा न पेट।
See Answer →अज्ञेय की काव्य भाषा का वैशिष्ट्य बताइए।
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