Solve your IGNOU Doubts
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अपने लिए शोकगीत' कहानी के प्रमुख चरित्रों पर प्रकाश डालिए।

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गोपीनाथ मंहति की कहानियों में आए आदिवासी जीवन का मूल्यांकन कीजिए।

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पिता कहानी की अन्तर्वस्तु का विश्लेषण करते हुए उसकी शिल्पगत विशेषताओं की चर्चा कीजिए।

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पाँच पत्र कहानी में अभिव्यक्त जीवन दर्शन का विश्लेषण कीजिए। 

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कालीपट्नम रामाराव की कहानियों की सामाजिक दृष्टि पर प्रकाश डालिए। 

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अपने होठों पर पवित्र मुस्कराहट छितराते कबीर झटपट उठ खड़ा हुआ।

हैरत-भरी निगाहों से लोगों के चेहरे पर बारी-बारी से देख रहा था कि ठाकुर

झुंझलाहट दरसाते कहने लगा, 'बावले की तरह टग-भग क्या देख रहा है? तेरे 

अहोभाग्य कि देश के मालिक, तीन लोक के नाथ खुद तेरे घार पधारे हैं, तेरी

कारीगरी देखने की खातिर। अब उल्लू की तरह आँखों क्या फाढ़ रहा है? कालीन

या शॉल हो तो नजर कर।"

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कुछ दिन पहले पूर्णिमा की एक रात राय साहब और उनकी पत्नी चाँदनी में

सैर के लिए निकले थे। ऐसे समय काम से लौटता हुआ अम्माजी का बाप उनके

सामने पड़ गया। इतना बढ़ा आदमी अब क्या पहचानेगा। यह सोचता हुआ यह सिर

झुकाकर आगे बढ़ने लगा। लेकिन राव साहब ने ही उसे पुकारा। वह भी नाम

लेकर। अम्माजी का बापू फूल उठा था। उस पूरी रात घर में उन्हीं लोगों को लेकर

बातें होती रहीं। उसके अगले ही दिन अम्माजी को ले जाकर उसने परिचय कराया था।

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कुछ समय को मेरा मन उस बाग के सौंदर्य पान से तृप्त होकर अवर्णनीय सुख

अनुभव करने लगा। बाग की ठंडक हवा में घुलकर बह रही थी। कुएं के चारों ओर

तरह-तरह के फूल लगे थे। उनकी सारी सुगंध ठंडी हवा लूटे जा रही थी। नाना

जाति के पक्षियों का कलरव आकाश में, पेड़ों में, पौंधों में सब ओर सुनाई पड़ रहा

था। मेरा हृदय पक्षियों के साथ पक्षी, और फूलों के साथ फूल बन बैठा। तब ऐसा

लगा, पता नहीं क्यों कविगण अनदेखे स्वर्ग का वर्णन करते हैं। जहां सुख होता है वहीं स्वर्ग होता है।

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'परिंदे' कहानी के शीर्षक की सार्थकता

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'तीसरी कसम' कहानी का प्रतिपाद्य

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'पूस की रात' कहानी के शीर्षक की सार्थकता को स्पष्ट कीजिए।

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'हार की जीत' कहानी का मूल प्रतिपाद्य लिखिए।

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हिंदी कहानी के विभिन्न आंदोलनों पर प्रकाश डालिए?

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"मेरे मन में उस समय तरह-तरह के सिद्धांत आए। मैंने स्थिर किया कि अपराध के प्रति करुणा ही होनी चाहिए, रोष का अधिकार नहीं है। प्रेम से ही अपराध वृत्ति को जीता जा सकता है। आतंक से उसे दबाना ठीक नहीं है। बालक का स्वभाव कोमल होता है और सदा ही उससे स्नेह से व्यवहार करना चाहिए। मैंने कहा कि बेटा आशुतोष तुम घबराओं नहीं। सच कहने में घबराना नहीं चाहिए। ली हो तो खुलकर कह दो बेटा! हम कोई सच कहने की सजा थोड़े ही दे सकते हैं। बल्कि सच बोलने पर इनाम मिला सकता है।"

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"माँ को अपने बेटे और किसान को अपने लहलहाते खेत देखकर जो आनंद आता है, वही आनंद बाबा भारती को अपना घोड़ा देखकर आता था। भगवद्-भजन से जो समय बचता, वह घोड़े को अर्पण हो जाता। यह घोड़ा बड़ा सुंदर था, बड़ा बलवान। उसके जोड़ का घोड़ा सारे इलाके में न था। बाबा भारती उसे 'सुल्तान' कह पुकारते, अपने हाथ से खरहरा करते, खुद दाना खिलाते और देख-देखकर प्रसन्न होते थे। उन्होंने रुपया, माल, असबाब, जमीन आदि अपना सब-कुछ छोड़ दिया था, यहाँ तक कि उन्हें नगर के जीवन से भी घृणा थी।"

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"चार दिन तक पलक नहीं झेंपी। बिना फेरे घोड़ा बिगड़ता है और बिना लड़े सिपाही। मुझे तो संगीन चढ़ाकर मार्च का हुक्म मिल जाए। फिर सात जर्मनों को अकेला मारकर न लौदूँ, तो मुझे दरबार साहब की देहली पर मत्था टेकना नसीब न हो।"

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प्रदर्शन मापन क्या है? इसकी आवश्यकता और लाभ का वर्णन कीजिए।

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उत्पाद जीवन चक्र के चरण क्या हैं? विभिन्न जीवन चक्र चरणों के दौरान उत्पाद और विपणन रणनीतियों के प्रति बाजार और उत्पाद की प्रतिक्रिया को समझाएं।

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मार्केटिंग मिक्स क्या है? किसी फर्म द्वारा अपनाई जाने वाली विभिन्न मूल्य निर्धारण रणनीतियों की व्याख्या कीजिए।

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व्यवसाय क्या है? व्यवसाय की विभिन्न विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

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