होलाग्राम के महत्त्व का (i) सूचना संग्रह तथा (ii) पैटर्न अभिज्ञान के लिए व्याख्या करें।
See Answer →"विवर्तन के कारण प्रकाशीय युक्ति की प्रतिबिम्ब बनाने की क्षमता सीमित हो जाती है"। इस कथन की सार्थकता की सूक्ष्मदर्शी के संदर्भ में चर्चा करें।
See Answer →यंग के द्वि-छिद्र व्यत्तिकरण चित्राम में किसी एक प्रकाश तरंग के पथ में एक पतली पारदर्शी पट्टिका रखने पर किस प्रकार परिवर्धन होता है? उपयुक्त सिद्धांत भी बतायें।
See Answer →मानविक नेत्रों की संमजन क्षमता तथा अभिसरण के महत्त्वों की प्रकाश अवगम के संदर्भ में विवेचना करें।
See Answer →निर्वात के लिए मैक्सवेल क्षेत्र समीकरण लिखें तथा विद्युत्-चुम्बकीय तरंगों के वेग का व्यंजक प्राप्त करें।
See Answer →मुक्त आकाश में संचरण कर रही एक एकसमान समतल तरंग एक पिंड पर लंबवत् आपतित होती है जिसके लिए = 9
0, μ = 4 μο और
=0 हैं। तरंग की आवृत्ति 100 kHz है और उसका विद्युत् क्षेत्र सदिश हैः
तरंग के लिए आपतित, परावर्तित और पारगमित (transmitted) क्षेत्र सदिशों के सम्पूर्ण व्यंजक लिखें।
See Answer →उस तापमान का परिकलन कीजिए जिस पर ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन के अणुओं की औसत माध्य वर्ग मूल चालें उनके पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से पलायन वेग के बराबर होंगी। पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km है।
लें।
प्रथम कोटि और द्वितीय कोटि संक्रमण के बीच अंतरों की सूची बनाएं। लेम्डा संक्रमण के अभिलक्षण क्या है?
See Answer →मैक्सवैल संबंधों का उपयोग कर प्रथम और द्वितीय ऊर्जा समीकरण व्युत्पन्न करें।
See Answer →एक एकविमीय सरल आवर्ती दोलक की मूल अवस्था के लिए, जिसका कोणीय वेग w
See Answer →मुक्त आकाश में मैक्सवेल समीकरणों का प्रयोग करके विद्युत् क्षेत्र सदिश के x-घटक के लिए तरंग समीकरण व्युत्पन्न करें।
See Answer →ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का उपयोग कर रूद्धोष्म प्रक्रम के लिए PV = K संबंध स्थापित करें, जहां ४ स्थिर दाब ऊष्मा धारिता और स्थिर आयतन ऊष्माधारिता का अनुपात है। इस समीकरण को p-V आरेख पर चित्रित करें। इसकी प्रवणता क्या होगी?
See Answer →एक अनंत लंबे सीधे तार में विद्युत् धारा प्रवाहित हो रही है। बायो-सावर्ट नियम का अनुप्रयोग कर सिद्ध करें कि तार के लंबवत् दिशा में स्थित किसी बिन्दु पर इस धारा के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र, तार से इस बिन्दु की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती है।
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आदर्ष गैस के समतापी प्रसार के लिए गैसीय तंत्र द्वारा किए गए कार्य का व्यंजक व्युत्पन्न करें।
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एक क्षैतिज, सीधा तार, जिसमें पश्चिम से पूर्व दिशा में 12.0 A धारा प्रवाहित हो रही है, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र B में रखा है। इस स्थान पर B पृथ्वी की सतह के समांतर है। B का परिमाण तथा इसकी दिशा क्रमशः 0.04 mT तथा उत्तर की ओर है। तार की 1m लंबाई पर लगने वाला चुंबकीय बल परिकलित करें। यदि तार की इस लंबाई का द्रव्यमान 50 g है तो तार में प्रवाहित धारा का वह मान परिकलित करें जिसके कारण उत्पन्न चुंबकीय बल, तार के भार को संतुलित कर सके।
See Answer →स्पष्ट और रेखांकित चित्र की सहायता से प्लैटिनम प्रतिरोध तापमापी की कार्यप्रणाली की व्याख्या कीजिए।
See Answer →N-अविभेद्य कणों की आदर्ष गैस के संवितरण फलन का उपयोग कर, जाक्र-टेट्रोड समीकरण प्राप्त करें।
See Answer →सिद्ध करें कि किसी स्वेच्छ आयतन में परिबद्ध आवेश की मात्रा में परिवर्तन के संगत परिबद्ध आयतन की सतह से अंदर की ओर अथवा बाहर की ओर आवेश का एक नेट प्रवाह होता है।
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1.5 V बैटरी द्वारा आवेशित करने के फलस्वरूप किसी संधारित्र की ऊर्जा का मान 4.0 µJ है। यदि इस संधारित को 6.0 V बैटरी द्वारा आवेशित किया जाए तो इसकी ऊर्जा का मान परिकलित करें।
See Answer →300 K पर गैस अणुओं के लिए उनकी सर्वाधिक संभावित चाल, औसत चाल और वर्ग माध्य -26 मूल चाल परिकलित कीजिए। गैस अणु का द्रव्यमान 5 × 10-26 kg और kB = 1.38 × 10 -23 JK-1 लें।
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