Solve your IGNOU Doubts
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Question:

हाइज़ेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत के आधार पर समझाए कि क्या एक कण, जो एक परिमित लंबाई वाले एक-विम बक्स में परिरूद्ध है, विरामस्थ हो सकता है?

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Question:

दो अंतरिक्ष यान A और B सम्मुख दिशाओं में गति करते हुए चंद्रमा की ओर उपगमन कर रहे हैं। चंद्रमा पर स्थिति प्रेक्षक द्वारा मापी गई उनकी चालें क्रमशः 2.2 × 108 ms -1और 2.5 × 108 ms-1 हैं। परिकलित करें कि (i) A किस चाल से चंद्रमा की ओर उपगमन कर रहा है और (ii) A पर स्थित प्रेक्षक के अनुसार वह किस चाल से B की ओर उपगमन कर रहा है।

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Question:

सिद्ध करें कि जब एक आपेक्षिकीय कण की गतिज ऊर्जा उसके विराम ऊर्जा के बराबर होती है, तब कण की चाल ~ 0.866c होगी।

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Question:

हाइड्रोजन के अनाविष्ट परमाणु एक निर्वातित ट्यूब के अक्ष के अनुदिश 2.0 × 106 ms-1 की चाल से चल रहे हैं। एक स्पेक्ट्रोमीटर को इस तरह से रखा जाता है कि वह इन परमाणुओं से अग्र दिशा में उत्सर्जित प्रकाश को ग्रहण करें। यदि विरामस्थ हाइड्रोजन परमाणुओं द्वारा यह प्रकाश उत्सर्जित होता तो उनका तरंगदैध्य 486.13 nm मापा जाता। आपेक्षिकीय सूत्र का प्रयोग करके इन उपगमनी परमाणुओं का तरंगदैध्य परिकलित करें।

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Question:

एक अंतरिक्ष यान पृथवी और मंगल गृह के आगे से एक सीधी रेखा के अनुदिश चाल v = 0.8c के साथ गुजरता है। ठीक उसी क्षण पृथ्वी और मंगल ग्रह के बीच की दूरी को एक ऐसे अपरिवर्ती निर्देश तंत्र में मापा जाता है जिसमें पृथ्वी और मंगल ग्रह दोनों विरामस्थ है और यह दूरी 2.4 × 1011 m पाया जाता है। अंतरिक्ष यान से जुड़े निर्देश तंत्र में यह दूरी क्या होगी?उसी निर्देश तंत्र में, अंतरिक्ष यान के पृथ्वी के आगे से निकल कर मंगल ग्रह तक पहुँचने में कितना समय व्यतीत होगा?

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Question:

रघुवीर सहाय की स्त्री दृष्टि पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

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Question:

भवानी प्रसाद मिश्र की काव्य संवेदना को रेखांकित कीजिए।

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Question:

अज्ञेय के काव्य सौन्दर्य को स्पष्ट कीजिए।

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Question:

माखनलाल चतुर्वेदी के रचना शिल्प पर प्रकाश डालिए।

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Question:

रामधारी सिंह दिनकर के काव्य की प्रमुख प्रवृत्तियों को रेखांकित कीजिए।

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Question:

केदारनाथ अग्रवाल के काव्य की अंतर्वस्तु की विवेचना कीजिए।

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Question:

समकालीन कविता की शिल्पगत प्रवृत्तियों पर विचार कीजिए।

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Question:

प्रगतिवादी काव्य के अभिव्यंजना शिल्प पर प्रकाश डालिए।

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Question:

किंतु हम हैं द्वीप

हम धारा नहीं हैं

स्थिर समर्पण है हमारा। हम सदा से द्वीप हैं स्रोतस्विनी के

किंतु हम बहते नहीं हैं। क्योंकि बहना रेत होना है

हम बहेंगे तो रहेंगे ही नहीं

पैर उखड़ेंगे। प्लवन होगा। ढहेंगे। सहेंगे। बह जाएँगे

और फिर हम चूर्ण होकर भी कभी धारा बन सकते?

रेत बनकर हम सलिल को तनिक गंदला ही करेंगे

अनुपयोगी ही बनाएँगे।

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Question:

क्षमाशील हो रिपु-समक्ष

तुम हुये विनत जितना ही

दुष्ट कौरवों ने तुमको

कायर समझा उतना ही

अत्याचार सहन करने का

कुफल यही होता है

पौरुष का आतंक मनुज

कोमल होकर खोता है।

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Question:

घोर निर्जन में परिस्थिति ने दिया है डाल !

याद आता तुम्हारा सिंदूर तिलकित भाल !

कौन है वह व्यक्ति जिसको चाहिए न समाज ?

कौन है वह जिसको नहीं पड़ता दूसरे से काज?

चाहिए किसको नहीं सहयोग?

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Question:

 

माँझी! न बजाओ बंशी मेरा मन डोलता

मेरा मन डोलता है जैसे जल डोलता

जल का जहाज जैसे पल-पल डोलता

माँझी! न बजाओ बंशी मेरा प्रन टूटता

मेरा प्रन टूटता है जैसे तृन टूटता

तृन का निवास जैसे बन-बन टूटता

माँझी ! न बजाओ बंशी मेरा तन झूमता

मेरा तन झूमता है तेरा तन झूमता

मेरा तन तेरा तन एक बन झूमता।

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Question:

ओर्डिनल स्केल

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Question:

नियंत्रण समूह (कंट्रोल ग्रुप)

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Question:

प्रश्नावली का पूर्व परीक्षण

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