स्वास्थ्य पर पार - सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य की व्याख्या कीजिए।
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कार्य के प्रति सामर्थ्य आधारित दृष्टिकोण की व्याख्या कीजिए। लाभकारी रोजगार के नौ अवयवों का वर्णन कीजिए।
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सामना करना (कोपिंग) को परिभाषित कीजिए और इसके उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए। सामना करने (कोपिंग) की विभिन्न शैलियों की व्याख्या कीजिए।
See Answer →मेड़ता में मीरा
See Answer →अक्क महादेवी
See Answer →इतिहास ग्रंथों में मीरा
See Answer →लोक-संस्कृति
See Answer →मीरा के कृष्ण
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मध्यकालीन भक्त कवयित्रियों का परिचय दीजिए। (ग) मीरा की कविता में स्त्री सशक्तीकरण के स्वरों की समीक्षा कीजिए।
See Answer →वै न मिले जिनकी हम दासी। पात पात बृन्दावन ढूँड्यौ ढूंढि फिरी सगरी मैं कासी ।। कासी कौ लोग बड़ो विसवासी मुख मैं राम बगल में फांसी ।। आधी कासी मैं बॉमण बणियों आधी कासी बसे सन्यासी ।। मीरां के प्रभु हरि अबिनासी हरिचरणां की रहीं मैं दासी।।
See Answer →बादल देख डरी हो, स्याम मैं बादल देख उरी। काली पीली घटा उमंगी, बरस्यो एक घरी। जित जाऊं तित पानि हि पानी, हुइ सब भोम हरी ।। जाका पिव परदेश बसत है, भीजै बार खरी ।। मीरां के प्रभु गिरधरनागर, कीज्यो प्रीत खरी।
See Answer →सतत विकास में निगमों की भूमिका पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
See Answer →गोविन्द सूं प्रीत करी, तब ही क्यों न हटकी। अब तो बात फैल गई, जेसे बीज बटकी। बीच को बिचार छांडि, पारि प्रीति अटकी।। अबै चूकै ठौर नाहि, जैसे कला नट की। साँवरे को सीस धरे, सुरत प्रेम भटकी।। घर घर में घणी होत, बाणी घट घट की। हरिजी सों प्रीति राखि, लोक लाज पटकी।। बाणी घुलि-गांठ परी, रसना गुण रटकी। अब छुटायै छूटे नहीं, भोत बार झटकी।। मदमांते हसती सम, फिरत प्रेम लटकी। मीरां के प्रभु गिरधर बिन, कौन जाने घट की।।
See Answer →प्रशासन पर संस्कृति के प्रभाव की जाँच कीजिए।
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