संविधान में राजभाषा अधिनियम 1963 का क्या महत्त्व है?
See Answer →विषयों पर टिप्पणी लिखिए :
राष्ट्रीय सांस्कृतिक काव्यधारा
हिंदी कहानी के आंदोलन
आदिकालीन साहित्यिक प्रवृत्तियाँ
See Answer →प्रेमचंद युगीन हिंदी निम्बन्धकार की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
See Answer →द्विवेदी युग में कहानी विधा में हुए विकास का उल्लेख कीजिए।
See Answer →वल्लभ संप्रदाय तथा राधा वल्लभ संप्रदाय का परिचय दीजिए।
See Answer →भारतेन्दु युग में नाटक विधा के विकास के बारे में लिखिए।
See Answer →भक्तिकाल के दार्शनिक पृष्टभूमि की चर्चा कीजिए।
See Answer →हिंदी साहित्य के काल विभाजन और नामकरण पर विचार कीजिए।
See Answer →नील परिधान बीच सुकुमार खुल
रहा मृदुल अधखुला अंग
खिला हो ज्यों बिजली का फूल
मेघ-बन बीच गुलाबी रंग।
आह ! वह मुख ! पश्चिम के व्योम
बीच जब घिरते हों घन श्याम
अरुण रवि मंडल उनको भेद
दिखाई देता हो छविधाम । -
See Answer →
हे साधुओ ! सोये बहुत, अब ईश्वराराधन करो,
उपदेश द्वारा देश का कल्याण कुछ साधन करो।
डूबे रहोगे और कब तक हाय ! तुम अज्ञान में?
चाहो तुम्हीं तो देश की काया पलट दौ आन में।।
थे साधु तुलसीदास, नानक, रामदास समर्थ भी
व्यवहृत यही पद हो रहा है आज उनके अर्थ भी।
पर वे न होकर भी यहाँ उपकार सबका कर रहे,
सदभाव उनके ग्रन्थ सबके मानसों में भर रहे
See Answer →गद्यांश को सप्रसंग व्याख्या कीजिए
हा ! हा ! भारत दुर्दशा न देखी जाई।
अंगरेज राज सुख साज सजे सब भारी।
पै धन बिदेस चलि जात इहै अति ख्वारी। ताहू पै महंगी काल रोग विस्तारी।
दिन-दिन दूनो दुख ईसश् देत हा हारी।।
सबके ऊपर टिक्क्सश की आफत आई।
हा ! हा! भारत दुर्दशा न देखी जाई।
See Answer →प्रसाद की काव्य भाषा का वैशिष्ट्य बताइए।
See Answer →
. साकेत लिखने की प्रेरणा गुप्त जी को कहाँ से प्राप्त हुई है? यह काव्य किस श्रेणी का है इसका औचित्य को सिद्ध किजिए।
See Answer →मैथिलीशरण गुप्त की कविता में राष्ट्रीयता की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
See Answer →
Samavaya
Becoming
Prime mover
Sufficient Condition
Being as Agape (Love)
Being as Spontaneous Notion
Exemplary Ontological Truth
God in Ramanuja’s philosophy