निर्णय लेने में भौगोलिक सूचना प्रणाली की भूमिका की जांच कीजिए।
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ग्रामीण विकास में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
See Answer →ई-शिक्षा की अवधारणा और महत्व का वर्णन कीजिए और आभासी शिक्षण वातावरण की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
See Answer →प्रेमचंद के उपन्यास संबंधी विचार
See Answer →सेवासदन' की अंतर्वस्तु
See Answer →प्रेमशंकर का चरित्र
See Answer →रंगभूमि' में आदर्शवाद किस रूप में व्यक्त हुआ है? विचार कीजिए।
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'प्रेमचंद' पर उनकी समकालीन आलोचना का विवरण प्रस्तुत करते हुए उसका मूल्यांकन कीजिए।
See Answer →मानव जीवन की सबसे महान घटना कितनी शांती के साथ घटित हो जाती है। यह विश्व का एक महान् अंग, वह महत्त्वाकांक्षाओं का प्रचंड सागर, वह उद्योग का अनंत भांडार, वह प्रेम और द्वेष, सुख और दुःख का लीला क्षेत्र, वह बुद्धि और बल की रंगभूमि न जाने कब और कहाँ लीन हो जाती है, किसी को खबर नहीं होती।
See Answer →तुम खेल में निपुण हो, हम अनाड़ी हैं। बस इतना ही फरक है। तालियाँ क्यों बजाते हो, यह जीतने वालों का धरम नहीं? तुम्हारा धरम तो है हमारी पीठ ठोकना। हम हारे, तो क्या, मैदान से भागे तो नहीं, रोये तो नहीं, धाँधली तो नहीं की। फिर खेलेंगे, जरा दम ले लेने दो, हार हार कर तुम्हीं से खेलना सीखेंगे और एक-न-एक दिन हमारी जीत होगी, जरूर होगी।
See Answer →तुम्हें क्या मालूम है कि जिसके लिए तुम सत्यासत्य में विवेक नहीं करते, पुण्य और पाप को समान समझते हो, वह उस शुभ मुहूर्त तक सभी विघ्न बाधाओं से सुरक्षित रहेगा? सम्भव है ठीक उस समय जब जायदाद पर उसका नाम चढ़ाया जा रहा हो एक फुन्सी उसका तमाम कर दे। यह न समझो कि मैं तुम्हारा बुरा चेत रहा हूँ। तुम्हें आशाओं की असारता का केवल एक स्वरूप दिखाना चाहता हूँ। मैंने तकदीर की कितनी ही लीलाएँ देखी हैं और स्वयं उसका सताया हुआ हूँ।
See Answer →किसी सामाजिक घटना (जैसे शादी, जन्मदिन समारोह, आदि) को दर्शाने वाले अपने पारिवारिक फोटोग्राफ के आधार पर एक छोटे प्रोजेक्ट पर अवलोकन विधि के उपयोग के साथ एक रिपोर्ट तैयार करें।
See Answer →मेरे सिर कलंक का टीका लग गया और वह अब धोने से नहीं घुल सकता। मैं उसको या किसी को दोष क्यों दू? यह सब मेरे कर्मों का फल है। आह! एड़ी में कैसी पीड़ा हो रही है; यह कांटा कैसे निकलेगा? भीतर उसका एक टुकड़ा टूट गया है। कैसा टपक रहा है। नहीं मैं किसी को दोष नहीं दे सकती। बुरे कर्म तो मैंने किए हैं, उनका फल कौन भोगेगा। विलास-लालसा ने मेरी यह दुर्गति की। मैं कैसी अंधी हो गई थी, केवल इन्द्रियों के सुख भोग के लिए अपनी आत्मा का नाश कर बैठी! मुझे कष्ट अवश्य था। मैं गहने कपड़े को तरसती थी, अच्छे भोजन को तरसती थी, प्रेम को तरसती थी।
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शिक्षण संस्थानों पर किसी भी सार्वजनिक इंस्टाग्राम (Instagram) प्रोफाइल का अध्ययन करें और उसकी मानवशास्त्रीय व्याख्या प्रदान करें।
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