What do you understand by reading difficulty? What are the causes of reading backwardness?
See Answer →Low cognitive abilities.
See Answer →Language Learning Aptitude.
See Answer →विद्यापति का काव्य सौंदर्य
See Answer →जायसी की भाषा और काव्य सौंदर्य
See Answer →रहीम लोक जीवन के पारखी थे। इस कथन की समीक्षा कीजिए ।
See Answer →तुलसीदास की भक्ति में प्रेम के महत्व की विवेचना कीजिए ।
See Answer →निम्नलिखित पद्याशों की ससंदर्भ व्याख्या कीजिएः
(क) गोरी सोवै सेज पर मुख पर डारे केस ।
चल खुसरो घर आपने रैन भई चहुँ देस ॥
सरो रैन सोहाग की, जागी पी के संग।
तन मेरो मन पिऊ को दोऊ भए एक रंग ॥
(ख) हम न मरें मरिहै संसारा ।
हमको मिला जिआबनहारा ।।
साकत मरहिं संत जन जीवहिं भरि भरि राम रसाइन पीवहिं ।
हरि मरहिं तो हमहूँ मरिहैं, हरि न मरे हम काहे कौ मरिहैं ।
कहै कबीर मन मनहिं मिलावा अमर भया सुखसागर पावां ।।
(ग) अंखियां हरि-दरसन की प्यासी ।
देख्यौ चाहत कमलनैन कौ निसिदिन रहति उदासी ।।
आए उधौ फिरि गए आंगन, डारि गए फांसी ।
केसरि तिलक मोतिन की माला, वृन्दावन के बासी ।।
काहू के मन को कोउ न जानत लोगन के मन हांसी ।
सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस को करवत लैहौं कासी ।।
(घ) खेती न किसान को भिखारी को न भीख, बलि, बनिक को बनिज, न चाकर को चाकरी ।
जीविका विहीन लोग सीदमान सोच बस, कहैं एक एकन सों, 'कहाँ जाई का करी?
बेदहूँ पुरान कही लोकहूँ बिलोकिअत, साँ सबै पै, राम! रावर कृपा करी ।
दारिद - दसानन दबाई दुनी, दीनबंधु ! दुरित - दहन देखि तुलसी हहा करी ।।
See Answer →अर्थक्षेपक
See Answer →रूपक
See Answer →नायिका भेद
See Answer →निम्नलिखित में से किन्हीं दो का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(क) वासवदत्ता
(ख) चारुदत्त
(ग) यक्ष
(घ) शाकार
See Answer →काव्य की परिभाषा देते हुए काव्य प्रयोजन का विस्तारपूर्वक वर्णन करें।
See Answer →रस-निरूपण पर प्रकाश डालें।
See Answer →