निम्नलिखित गद्यांतों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
(क) एक पूरा मकान बर्तन से भरा हुआ है। चाय के सेट हैं, नाश्ते की तश्तरियाँ थाल, लोटे, गिलास। जो लोग नित्य खाट पर पड़े हुक्का पीते रहते थे, बड़ी तत्परता से काम में लगे हुए हैं। अपनी उपयोगिता सिद्ध करने का ऐसा अच्छा अवसर उन्हें फिर बहुत दिनों के बाद मिलेगा। जहाँ एक आदमी को जाना होता है, पाँच दौड़ते हैं। काम कम होता है, हुल्लड़ अधिक। जरा-जरा-सी बात पर घण्टों तर्क-वितर्क होता है और अन्त में वकील साहब को आकर निर्णय करना पड़ता है।
(ख) मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था। तब मैं क्या समहाता हूँगा, क्या नहीं समझाता हूँगा। फिर भी वह बातें मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं मालूम हो रही थीं। जी में कुछ बेमतलब गुस्सा चढ़ता आता था। जी होता था कि वहीं के वहीं कोई दुस्सह अविनय कर डालूँ। ऐसे भाव की कोई वजह न थी, पर बाबू जी की कुछ दबी हुई स्थिति की झलक उनके चेहरे पर देखकर बड़ी खीझ मालूम हो रही थी, पर जाने मुझे क्या चीज रोक रही थी कि मैं फट नहीं पड़ा।
(ग) तुलसी ने सीढ़ियाँ पार की, ड्योढ़ी, बगीचा और फाटक पार किया, बाहर निकल आए। सड़क पर कुछ दूर जाकर उन्होंने एक बार और उस घर पर दृष्टि डाली। लगा कि जैसे जीव का अपने एक जन्म से साथ छूट रहा हो। मन अब भी सब कुछ वही चाहता है, किंतु ज्ञान यथार्थ-बोध कराता है। जो मनुष्य बनकर जन्मता है उसके मन को यह हक है कि वह असंभव से असंभव वस्तु की चाहना भी कर ले, पर उसे पाने की शक्ति और औचित्य के बिना क्या वह हक यथार्थ है ? अपनी परिस्थियिों पर विचार न करनेवाला व्यक्ति मूर्ख होता है।
(घ) बंटी अपने घर में घूम रहा है। पर अपने घर जैसा कुछ भी तो नहीं लगा रहा उसे। सर्दी के दिनों में सांझा से ही तो चारों ओर अँधेरा घुसने लगता है। और जैसे-जैसे अँधेरा घुलता जा रहा है, सब कुछ और ज्यादा-ज्यादा अपरिचित होता जा रहा है। यहाँ तो आसमान भी पहचाना हुआ नहीं लगता, हवा भी पहचानी हुई नहीं लगती। अपने घर का आसमान और अपने घर की हवा कहीं ऐसी होती है?
See Answer →शिल्पकला / मूर्तिकला
See Answer →संस्कारों का स्वरूप
See Answer →राजकीय न्यायलय
See Answer →वेदांग
See Answer →बौद्ध बौद्ध धर्म का विस्तार संक्षिप्त विवरण।
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प्राचीन काल में न्याय व्यवसी का संचालन कैसे होता था? कौटिल्य ने प्राचीन न्याय व्यवस्था को कैसे संचालित किया? स्पष्ट कीजिए।
See Answer →शुकनीति के अनुसार सप्तांग सिद्धांत को स्पष्ट करें।
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वेदकालीन सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक संरचना में क्या-क्या परिवर्तन हुआ, उसकी विवेचना कीजिए।
See Answer →अथर्ववेद के उपनिषदों का उसकी विषय-वस्तु सहित वर्ण कीजिए।
See Answer →बौद्धकालीन मनोविज्ञान का विस्तारपूर्वक वर्णक कीजिए।
See Answer →बौद्ध आयुर्विज्ञान के आधार पर प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति की विवेचना कीजिए।
See Answer →प्राचीन न्याय व्यवस्था पर निबन्ध लिखिए।
See Answer →सप्तांग सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए उसके प्रत्येक अवयव की कार्यपद्धति को स्पष्ट कीजिए।
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उपनिषद् शब्दार्थ का विचार करते हुए उनका रचनाकाल एवं प्रतिपाद्य विषयों को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए।
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