निर्णय-निर्माण के विभिन्न मॉडलों की चर्चा कीजिए।
निर्णय-निर्माण सार्वजनिक प्रशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो शासन और प्रशासन के कार्यों को प्रभावित करता है। यह प्रक्रिया विभिन्न मॉडलों द्वारा संचालित होती है, जो विभिन्न दृष्टिकोणों, परिप्रेक्ष्य और परिस्थितियों के आधार पर निर्णयों को आकार देते हैं। निर्णय-निर्माण के ये मॉडल शासन की संरचना, प्रक्रिया और उद्देश्य के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। निम्नलिखित में हम निर्णय-निर्माण के कुछ प्रमुख मॉडलों की चर्चा करेंगे।
1. रैशनल मॉडल (Rational Model)
रैशनल निर्णय-निर्माण मॉडल को सामान्यत: "लागत-लाभ विश्लेषण" के रूप में जाना जाता है। इसमें निर्णय निर्माता सभी उपलब्ध विकल्पों का मूल्यांकन करते हैं और सबसे उपयुक्त और लाभकारी विकल्प को चुनने का प्रयास करते हैं। इस मॉडल के तहत यह माना जाता है कि व्यक्ति पूरी तरह से तर्कसंगत होते हैं और वे किसी भी निर्णय को पूरी जानकारी और सोच-विचार के साथ लेते हैं।
इस मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें निर्णय निर्माता के पास सभी जानकारी होती है, और वे एक आदर्श स्थिति में निर्णय लेते हैं, जिसमें किसी प्रकार की अनिश्चितता या बुरे परिणाम की संभावना नहीं होती। यह मॉडल उन परिस्थितियों के लिए उपयुक्त है, जहां निर्णय लेने में सीमित संज्ञानात्मक बाधाएँ या संसाधन कम होते हैं।