स्वाधीनता संग्राम के संदर्भ में राष्ट्रीय चेतना के विकास को रेखांकित कीजिए |
See Answer →1. उनके अलौकिक दर्शनों से दूर होता पाप था
अति पुण्य मिलता था तथा मिटता हृदय का ताप था।
उपदेश उनके शान्तिकारक थे निवारक शौक के
सब लोक उनका भक्त था, वे थे हितैषी लोक के ।।
2. चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ।
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ ॥
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊँ।
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ, भाग्य पर इठलाऊँ ।।
मुझे तोड़ लेना वनमाली |
उस पथ पर देना तुम फेंक ।।
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने।
जिस पथ पर जावें वीर अनेक।।
3. उदित हुआ सौभाग्य, मुदित महलों में उजियारी छाई
किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई
तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाई
रानी विधवा हुई, हाय! विधि को भी नहीं दया आई।
निसंतान मरे राजाजी रानी शोक-समानी थी
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
4. आज मुक्ति के अरमानों ने
मिलकर यों ललकारा है
ओ सब सोनेवालो, जागो
गूँज रहा नक्कारा है!
कैसी रात? कहाँ के सपने
यह नव प्रभात पधारा है!
ऐसे हँसते-से प्रभात का
तुम करने सम्मान, उठो
उठो, उठो ओ नंगों भूखें
ओ मजदूर किसान उठो।
'हल्दी घाटी' के पठित अंश का महत्व बताइए |
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उपदेश उनके शान्तिकारक थे निवारक शौक के
सब लोक उनका भक्त था, वे थे हितैषी लोक के ।।
2. चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ।
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ ॥
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊँ।
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ, भाग्य पर इठलाऊँ ।।
मुझे तोड़ लेना वनमाली |
उस पथ पर देना तुम फेंक ।।
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने।
जिस पथ पर जावें वीर अनेक।।
3. उदित हुआ सौभाग्य, मुदित महलों में उजियारी छाई
किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई
तीर चलाने वाले कर में उसे चूड़ियाँ कब भाई
रानी विधवा हुई, हाय! विधि को भी नहीं दया आई।
निसंतान मरे राजाजी रानी शोक-समानी थी
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
4. आज मुक्ति के अरमानों ने
मिलकर यों ललकारा है
ओ सब सोनेवालो, जागो
गूँज रहा नक्कारा है!
कैसी रात? कहाँ के सपने
यह नव प्रभात पधारा है!
ऐसे हँसते-से प्रभात का
तुम करने सम्मान, उठो
उठो, उठो ओ नंगों भूखें
ओ मजदूर किसान उठो।
श्रवण कौशल क्या है? समझाइये।
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