Solve your IGNOU Doubts
Solve your IGNOU Doubts
Question:

अश्वघोष की कृतियों की भाषा-शैली, वस्तु-योजना तथा प्रकृति-चित्रण पर प्रकाश डालिए |

See Answer →
Question:

सत्येषु दुःखादिषु दृष्टरार्या सम्यग्वितर्कश्च पराक्रमश्च |
इदं त्रयं ज्ञानविधौ प्रवृत्तं प्रज्ञाअरयं क्लेशपरिक्षयाय |”

अतएव कटकादिजन्यं दुःखमेव नरक: |
लोकसिद्धो राजा परमेश्वर: देहच्छेदो मोक्ष: ।
देहात्मवादे च 'स्थूलो5हं, कृशो5हं, कृणोडहय' इत्यादि सामानाधिकरण्योपत्ति: |
'मम्‌ शरीरम्‌' इति व्यवहारो राहो: शिर: इत्योदिवदौपचारिक: ||

गुरू की जै महिमा निगुरा न रहिला।
गुरू बिन॑ ग्यांन न पाईला रे भाईला।।”

 “प्रमाण भूताय जगदहितैषिणे प्रणम्य शास्त्रे सुगताय तायिने।
प्रमाण सिद्दयै स्वमतात्‌ समुच्च्य: करिष्यते विप्रसिता दिहैकक:।॥”
 

See Answer →
Question:

लोक नीति की प्रकृति तथा महत्व की चर्चा कीजिए | 

See Answer →
Question:

नीति विश्लेषण के प्रणाली मॉडल की चर्चा कीजिए।  

See Answer →
Question:

 नीति प्रक्रिया की विभिन्‍न अवस्थाओं का वर्णन कीजिए।  

See Answer →
Question:

समाज कल्याण के विभिन्‍न दृष्टिकोणों की व्याख्या कीजिए ।  
 

See Answer →
Question:

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 पर एक टिप्पणी लिखिए ।  

See Answer →
Question:

दलित कहानी के सौंदर्यशास्त्रीय प्रतिमानों पर प्रकाश डालिए |

See Answer →
Question:

हिन्दी साहित्य में आत्मकथन की परंपरा का विवेचन कीजिए |

See Answer →
Question:

 दलित आत्मकथकनों में व्यक्त धार्मिक विश्वासों की समीक्षा कीजिए |

See Answer →
Question:

सुमंगली” कहानी के आधार पर दलित स्त्री के तिहरे शोषण की समीक्षा कीजिए ।

See Answer →
Question:

वैतरणी' कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए

See Answer →
Question:

'अंगारा' कहानी में अभिव्यक्त दलित चेतना को स्पष्ट कीजिए ।

See Answer →
Question:

 दलित मजदूर स्त्री शोषण की त्रासदी पर प्रकाश डालिए।

See Answer →
Question:

'जूठन' के सरोकारों को स्पष्ट कीजिए |

See Answer →
Question:

आमने-सामने' कहानी में किस मुद्दे को उठाया गया है।

See Answer →
Question:

आवाजें" कहानी की मूल संवेदना लिखिए |

See Answer →
Question:

 मुक्ति की चेतना के विस्तार को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत कीजिए |

See Answer →
Question:

 उसका कतरा-कतरा जल गया था। आग में मिलकर वह मुझसे परिवार से सारी दुनिया से अलग हो गयी थी। माँ की मृत्यु का अहसास मुझे उस समय कहाँ भला? होता भी कैसे? जमीन पर घिसटने वाला शिशु था तब मैं। पीछे रह गया था, दूंठ-सा बाप बिना टहनी-पत्तों का ऐसा दरख्त जिसके सीने में कोपले नहीं खिलतीं। यूं मेरे भाई भी थे और बहिन भी, पर प्यार से अधिक कहीं उनमें सहानुभूति थी। बस्ती में कुछ औरतें मुझे 'बिना माँ का बच्चा' कहकर पुकारती दुलारती थी।
 

See Answer →
Question:

 उसका कतरा-कतरा जल गया था। आग में मिलकर वह मुझसे परिवार से सारी दुनिया से अलग हो गयी थी। माँ की मृत्यु का अहसास मुझे उस समय कहाँ भला? होता भी कैसे? जमीन पर घिसटने वाला शिशु था तब मैं। पीछे रह गया था, दूंठ-सा बाप बिना टहनी-पत्तों का ऐसा दरख्त जिसके सीने में कोपले नहीं खिलतीं। यूं मेरे भाई भी थे और बहिन भी, पर प्यार से अधिक कहीं उनमें सहानुभूति थी। बस्ती में कुछ औरतें मुझे 'बिना माँ का बच्चा' कहकर पुकारती दुलारती थी।
 

See Answer →
IGNOU NEWS
Assignment Submission Last Date Extended Till 30 June 2026 Click Here★★★IGNOU June 2026 TEE Date Sheet Released Click Here★★★
Top
📞
Call Support Instant phone assistance
🟢
WhatsApp Chat Fast live messaging
Email Us Business enquiries & support