गुजराती दलित साहित्य के वैचारिक आधारों को स्पष्ट कीजिए |
See Answer →“कवच' कहानी की मूल संवेदना स्पष्ट कीजिए |
See Answer →बबुद्ध ही मरा पड़ा है" कहानी के अशोक के चरित्र पर टिपप्णी लिखिए ।
See Answer →“जब मैंने जाति छुपाई' कहानी में अभिव्यक्त विद्रोह को चिन्हित कीजिए |
See Answer →दलित साहित्य में कहानीकार बाबुराव बागूल का स्थान निर्धारित कीजिए |
See Answer →'अस्पृश्य वसंत” उपन्यास में धर्म परिवर्तन की स्थितियों को उजागर किया है। धर्म परिवर्तन के कारणों की पड़ताल कीजिए |
See Answer →गुजराती दलित कविता की पृष्ठभूमि का वर्णन कीजिए।
See Answer →मराठी दलित कविता की वैचारिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालिए।
See Answer →'मोची की गंगा' कहानी की विषय वस्तु और संवेदना स्पष्ट कीजिए।
See Answer →“गाँव का कुआं' कहानी की कथावस्तु पर प्रकाश डालिए |
See Answer →मराठी दलित आत्मकथमनों में 'अक्करमाशी' की विशिष्टता पर प्रकाश डालिए।
See Answer →डॉ. आंबेडकर ने दलितों को उनकी दयनीय स्थिति से मुक्ति के कौन से रास्ते बताए हैं?
See Answer →'जीवन हमारा' के केन्द्रीय पात्रों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए |
See Answer →निम्नलिखित काव्यांशों में से लगभग 200 शब्दों में संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए :
(क) मेरे लहू में प्रजजलित अगणित सूर्य
कितने दिन सहोगे यह घोर बंदीवास
क्या बने रहोगे ऐसे ही युद्धबंदी?
देखो रे साथियों मिट््टी की अस्मिता
आकाश भर में फैल चुकी
(ख) नस-नस से फट पड़ती यातनाएं
झर गए पत्ते महारोगी की ऊँगलियाँ हो जैसी
(ग) बहुमंजीला इमारतों की सीढ़ियों पर
गर्भ भार को संभाले पैर रखती
रेत सिमेंट के तसले ढ़ोती
तुझे देखा मैंने माँ
(घ) चार अक्षर सीखकर
मैं भी रोजगार बनकर
दफ्तर जाने पर
'रिजर्वेशन केटेगिरी' की
फुसफुसाहट सुन नहीं सकी
और लगा मैं अपने कानों में
सीसा डाल लूं
एक शाही सीमा के तौर पर औपनिवेशिक उत्तर-पूर्वी भारत के पहलुओं पर चर्चा कीजिए।
See Answer →क्या औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत सिविल सेवाएँ ब्रितानी साम्राज्य के 'स्टील फ्रेम' के रूप में कार्य करती थीं?
See Answer →मुगल प्रशासन की प्रकृति क्या थी? चर्चा कीजिए |
See Answer →पांड्य काल के दौरान राज्य के प्रशासन की चर्चा कीजिए।
See Answer →चोल काल के दौरान राज्य पर टिप्पणी कीजिए।
See Answer →मालवा साम्राज्य के गठन पर एक लेख लिखिए।
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