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'शतरंज के खिलाड़ी की कथावस्तु

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प्रेमचंद का वैचारिक गद्य

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हल्कू की चारित्रिक विशेषताएँ

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'पंच परमेश्वर' कहानी के संरचना-शिल्प पर प्रकाश डालिए।

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'साहित्य का उद्देश्य' के विचार पक्ष का विवेचन कीजिए।

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प्रेमचंद की कहानियों की विशेषताएँ बताइए।

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मंडल के भवन में पग धरते ही उसकी लेखनी कितनी मर्मज्ञ, कितनी विचारशील, कितनी न्यायपरायण हो जाती है। इसका कारण उत्तरदायित्तय का ज्ञान है। नवयुवक युवावस्था में कितना उदण्ड रहता है। माता-पिता उसकी ओर से कितने चिंतित रहते हैं। वे उसे कुल-कलंक समझते हैं, परन्तु थोड़े ही समय में परिवार का बोझा सिर पर पढ़ते ही यह अव्यवस्थित-बित्त उन्मत्त युवक कितना धैर्यशील, कैसा शांतमित्त हो जाता है, यह भी उत्तरदायित्व के ज्ञान का फल है।

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जबरा शायद समझ रहा था कि स्वर्ग यहीं है और हल्कू की पवित्र आत्मा में तो उस कुत्ते के प्रति घृणा की गंध तक न थी। अपने किसी अभिन्न मित्र या भाई को भी वह इतनी ही तत्परता से गले लगाता। यह अपनी दीनता से आहत न था, जिसने उसे आज इस दशा को पहुँबा दिया। नहीं, इस अनोखी मैत्री ने जैसे उसकी आत्मा के सब द्वार खोल दिये थे। सहसा जबरा ने किसी जानवर की आहट पाई। इस विशेष आत्मीयता ने उसमें एक नई स्फूर्ति पैदा कर दी थी, जो हवा के झोंकों को तुच्छ समझती थी।

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हमने जिस युग को अभी पार किया है, उसे जीवन से कोई मतलब न था। हमारे साहित्यकार कल्पना की एक सुष्टि खड़ी करके उसमें मनमाने तिलस्म बाँधा करते थे। कहीं फिसानये अजायब की दास्तान थी, कहीं दास्ताने खयाल की और कहीं बन्द्रकान्ता-सन्तति की। इन आख्यानों का उद्देश्य केवल मनोरंजन था और हमारे अद्‌भुत रस-प्रेम की तृप्ति, साहित्य का जीवन से कोई लगाय है, यह कल्पनातीत था। कहानी कहानी है, जीवन जीवन।

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संध्या समय सदन की नाव गंगा की लहरों पर इस भौति बन रही थी, जैसे आकाश में मेघ बलते है। लेकिन उसके बेहरे पर आनन्द-विलास की जगह भविष्य की शंका झलक रही थी, जैसे कोई विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद चिंता में ग्रस्त हो जाता है। उसे अनुभव होता है कि यह बाँध, जो संसार रूपी नदी की बाए से मुझे बचाए हुए था. टूट गया है और मैं अथाह सागर में खड़ा हूँ। सदन सोब रहा था कि मैंने नाय तो नदी में डाल दी, लेकिन यह पार भी लगेगी? उसे अब मालूम हो रहा था कि यह पानी गहरा है, हया तेज है और जीवन-यात्रा इतनी सरल नहीं है, जितनी मैं समझता था। लहर यदि मीठे स्वरों में गाती है, तो भयंकर ध्वनि से गरजती है। हया अगर नहरों को थपकियाँ देती हैं, तो कभी-कभी उन्हें उछाल भी देती है।

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अपने आस-पड़ोस के कम से कम 15 व्यक्तियों (12 वर्ष से अधिक आयु के) का राजनीति के प्रति उनके रवैये के विषय में दृष्टिकोण एकत्रित करें। उनके मनोभाव की एक सामूहिक रिपोर्ट बनाएं तथा अनुनय (अभिवृत्ति परिवर्तन) का विरोध करने वाले कारकों का सुझाव दें।

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दीक्षा विभिन्न रणनीतियों का उपयोग करती है, जिसके कारण न्यूनतम संज्ञानात्मक प्रयासों में उनके संज्ञानात्मक संसाधनों का अधिकतम प्रयोग होता है; फलस्वरूप, वह एक स्वचालित, स्वाभाविक एवं सरल सामाजिक विचार प्रक्रिया की ओर अग्रसर रहती है। उसके द्वारा प्रयोग किये जा सकने वाले विभिन्न मानसिक हयुरिस्टिक्स की चर्चा करें। सामाजिक संज्ञान में होने वाली त्रुटियों के विभिन्न स्रोतों की व्याख्या करें।

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नेतृत्व के प्रकार

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गुणारोपण में त्रुटियाँ एवं पक्षपात

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अभिवृति निर्माण

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स्कीमा के प्रकार

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संघर्ष के कारण एवं परिणाम

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अनुपालन प्राप्ति की रणनीतियाँ

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समूह के विभिन्न घटकों एवं प्रकारों की चर्चा करें। समूह निर्माण के विभिन्न चरणों की व्याख्या करें।

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आक्रामकता के विभिन्न कारणों एवं उससे संलग्न सैद्धांतिक दृष्टिकोणों की व्याख्या करें।

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