प्रेमचंद की कहानियों के शिल्प-पक्ष पर विचार कीजिए।
See Answer →प्रेमचंद की कहानियों में अभिव्यक्त जाति उन्मूलन की अवधारणा का विवेचन कीजिए।
See Answer →'मंदिर' और 'सद्गति' कहानी के आधार पर प्रेमचंद के दलित जीवन संबंधी विचारों की विवेचना कीजिए।
See Answer →प्रेमचंद की कहानियों में निहित राष्ट्रीय चेतना पर प्रकाश डालिए।
See Answer →शंकर ने साल भर तक कठिन तपस्या की; मीयाद के पहले रुपये अदा करने का उसने व्रत सा ले लिया। दोपहर को पहले भी चूल्हा न जलता था, चबेने पर बसर होती थी, अब वह भी बंद हुआ, केवल लड़के के लिए रात को रोटियाँ रख दी जातीं। पैसे रोज का तम्बाकू भी पी जाता था, यह एक व्यसन था, जिसका वह कभी त्याग न कर सका था। अब वह व्यसन भी इस कठिन व्रत की भेंट हो गया। उसने चिलम पटक दी, हुक्का तोड़ दिया और तम्बाकू की हाँड़ी चूरचूर कर डाली। कपड़े पहले भी त्याग की चरम सीमा तक पहुँच चुके थे, अब वह प्रकृति की न्यूनतम रेखाओं में आबद्ध हो गये।
See Answer →आज चालीस वर्षों से घर के प्रत्येक मामले में फूलमती की बात सर्वमान्य थी। उसने सौ कहा तो सौ खर्च किये गये, एक कहा तो एक ! किसी ने मीन-मेख न की। यहाँ तक कि पं. अयोध्यानाथ भी उसकी इच्छा के विरूद्ध कुछ न करते थे; पर आज उसकी आँखों के सामने प्रत्यक्ष रूप से उसके हुक्म की उपेक्षा की जा रही है! इसे वह क्योंकर स्वीकार कर सकती !
See Answer →ऐसा काम ढूँढना जहाँ कुछ ऊपरी आय हो। मासिक वेतन तो पूर्णमासी का चाँद है, जो एक दिन दिखाई देता है और घटते घटते लुप्त हो जाता है। ऊपरी आय बहता हुआ स्रोत है, जिससे सदैव प्यास मिटती है। वेतन मनुष्य देता है, इसी से उसमें वृद्धि नहीं होती। ऊपरी आमदनी ईश्वर देता है, उसी से उसकी बरकत होती है, तुम स्वयं विद्वान हो, तुम्हें क्या समझाऊँ। इस विषय में विवेक की बड़ी आवश्यकता है। मनुष्य को देखो, उसकी आवश्यकता को देखो और अवसर देखो, उसके उपरांत जो उचित समझो, करो। गरजवाले आदमी के साथ कठोरता करने में लाभ ही लाभ है। लेकिन बेगरज को दाँव पर पाना जरा कठिन है। इन बातों को निगाह में बाँध लो। यह मेरी जन्म भर की कमाई है।
See Answer →कुशल पोर्टफोलियो फ्रंटियर (Efficient portfolio frontier)
See Answer →नाममात्र और वास्तविक ब्याज दर
See Answer →मौद्रिक नीति के उपकरण
See Answer →माँग पर प्राप्ति (Yield to call)
See Answer →अर्थव्यवस्था में मौद्रिक नीति के संचरण में वाणिज्यिक बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान किस प्रकार योगदान करते हैं?
See Answer →मौद्रिक नीति संचरण तंत्र में अंतनिर्हित प्रमुख सिद्धांत क्या हैं?
See Answer →Concept of Ikomkar
See Answer →निम्नलिखित जानकारी से परिपक्वता प्राप्ति (Yield to maturity) की गणना करें। कूपन दर =7%, अंकित मूल्य = ₹ 500, बॉन्ड की कीमत ₹ 350, परिपक्वता अवधि = 10 वर्ष ।
See Answer →Kami
See Answer →Sruti
See Answer →मान लीजिए कि एक निगम अंकित मूल्य ₹ 1,000 वाला बॉन्ड जारी करता है जो 3 वर्ष के अंत में 10% के प्रीमियम पर रिडीम किया जा सकता है। यदि छूट दर 12% है और कूपन दर 8 % है, तो इस बॉन्ड के मूल्य की गणना करें। इसके अलावा, क्या आप इस बॉन्ड को खरीदेंगे यदि बॉन्ड का बाजार मूल्य ₹ 1,050 या ₹ 800 है?
See Answer →Clean
See Answer →Concept of Zakat
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