Solve your IGNOU Doubts
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Question:

'चंदायन' में अभिव्यक्त लोकजीवन के विविध रूपों का विवेचन कीजिए।

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Question:

सगुण काव्यधारा के प्रमुख पारिभाषिक शब्दों पर प्रकाश डालिए।

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ऊँची अटरिया लाल किंवड़िया, निरगुण सेज बिछी।

पचरंगी झालर सुभ सोहै, फूलन फूल कली ।।

बाजूबंद कडूला सोहे, माँग सिंदूर भरी।

सुमिरन थाल हाथ में लीन्हां, सोभा अधिक भली ।।

सेज़ सुखमणा मीरां सोवै, धन सुभ आज घरी ।

तुम जावो राणा घर आपने, मेरी तेरी नाहि सरी।।

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न भावै थारौ देसड़लो (जी) रूड़ो रूड़ो

हरि की भगति करै नहिं कोई, लोग बसे सब कूड़ो ।।

माँग और पाटी उतार धरूंगी, ना पहिरूं कर चूड़ो।।

मीरां हठीली कहे संतन सों, बर पायो छै मैं पूरो।।

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प्रान वही जु रहें रिझि वापर रूप वही लिहिं वाहि रिझायो।

सीस वही जिन वे परसे पद, अंक वही जिन वा परसायो।।

दूध वही जु दुहायो री वाही दही सु सही जो वही ढरकायो।

और कहाँ लौं कहों रसखानि री भाव वही जु वही मनभायो।।

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रुकमिनि राधा ऐसें भेंटी।

जैसैं बहुत दिननि की बिछुरी, एक बाप की बेटी ।।

एक सुझाव एक वय दोऊ, दोऊ हरि काँ प्यारी।

एक प्रान मन एक दुहुनि कौ, तन करि दीसति न्यारी।।

निज मंदिर लै गई रुकमिनी, पहुनाई बिधि ठानी।

सूरदास प्रभु तहँ पग धारे, जहें दोऊ ठकुरानी ।।

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जा कारण मैं दौर्यो फिरतो, सो अब घट में आई।

पाँचों मेरी सखी सहेली, तिनि निधि दई दिखाई

अब मन फूलि भयो जग महियों, आप में उलटि समाई ।।

चलत चलत मेरो मन थाक्यो, मो पै चल्यो न जाई।

साँई सहज मिल्यो सोई सन्मुख, कह रैदास बताई ।।

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राजा गियँ कै सुनहु निकाई। जनु कुम्हार धरि चाक फिराई ।।

भोंगत नारि कचौरा लावा। पीत निरातर गहि दिखरावा ।।

देव सराहँहि (तैसो) गोरी। गियें उँचार गह लिहसि अजोरी ।।

अस गियँ मनुसंहि दीख न काहू। ठास धरा जनु चलै कियाहू ।।

का कहुँ असकै दयी सँवारीं। को तिह लाग दयि अँकवारी ।।

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आली मोहि लागत बृन्दाबन नीको।

घर घर तुसली ठाकुर पूजा, दर्शन गोविंदजी को ।।

निर्मल नीर बहत यमुना को, भोजन दूध दही को।।

रत्न-सिंहासन आप बिराजे, मुकुट धर्यो तुलसी को ।।

कुंजन कुंजन फिरत राधिके, शब्द सुनत मुरली को।।4

मीरां के प्रभु गिरधरनागर, भजन बिना नर फीको ।।

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Saktism

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Ritual Affirmation

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Question:

'ज्ञानरंजन की कहानी 'बर्हिगमन' की अंतर्वस्तु पर प्रकाश डालिए।

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Question:

सिलिया' कहानी में अभिव्यक्त दलित नारी चेतना का मूल्यांकन कीजिए।

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Question:

रवीन्द्र कालिया की कहानी 'गौरैया' की अंतर्वस्तु को स्पष्ट कीजिए।

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Question:

'राजा निरबंसिया' कहानी की कथावस्तु का विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।

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Question:

शानी की कहानियों के महत्वपूर्ण बिंदुओं की पड़ताल कीजिए।

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Question:

राजनीतिक हमजोलियों के बीच उसने घोषणा कर दी थी, "मैंने दहेज नहीं लिया

है और एक गरीब लड़की का उद्घार किया है।" वह अपनी इस गप्प पर मुग्ध होता

और अकस्मात् दहेज प्रथा के विरुद्ध संक्षिप्त भाषण करने लगता है। वह कहता,

"भारतवर्ष के नवयुवकों को बाल-विधवाओं और विपन्न कुँवारी कन्याओं के उद्धार के

लिए आगे बढ़कर महानता की मिसाल कायम करनी चाहिए। मुझे देखिए, मैंने तो

दुखियारी की ज़िन्दगी सँवार दी। मेरी बीवी सावित्री आज सुखी है और मेरा एहसान

मानती है।"

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Question:

Dalit folklore

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Question:

Untouchability

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Question:

Sramana Tradition

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