FC16 (षोडश आधारी) को द्वि-आधारी तुल्य में पारिवर्तित करें। इसे 10012 से भाग दें। आप के उत्तर को अष्टाधारी तुल्य में व्यक्त करें।
See Answer →एक पदी CE प्रवर्धक के लिए h-प्राचलों के मान h₁ = 2 k, hr = 3 x 10-4, hf = 85 और ho = 15 µAV-¹ हैं। यदि = 10 k
, और rs = 100
हों, तो Ai, Av, Zin और Zout परिकलित करें।
जेनर डायोड में प्रेक्षित होने वाली भंजन प्रक्रियाएं समझाएं।
See Answer →उचित ध्रुवताओं के साथ वोल्टेज बायसन को दर्शाने वाले परिपथ चित्र का उपयोग करके p-चैनल JFET की कार्यप्रणाली समझाएं। VDS < 0V और VGS ≥ 0 V के साथ इसके निकास अभिलक्षणिक खींचें।
See Answer →एक अर्धचालक का नैज आवेश सांद्रण 3×1017 m-3 है। उसे त्रिसंयोजक अपद्रव्य से मादित किया जाता है और मादन परमाणुओं का घनत्व 8×1018 m-3 है। इलेक्ट्रॉन और विवर गतिशीलताएं क्रमशः 0.5 m² V-1s-1 और 0.3 m² V-1s-1 हैं। मादन से पहले और बाद में उसकी चालकता परिकलित करें।
See Answer →p-n संधि डायोड में अवक्षय स्तर (depletion layer) के बनने की प्रक्रिया समझाएं। अग्र-तथा पश्च-दिशिक बायसन के लिए p-n सन्धि के I-V अभिलक्षणिकों की व्याख्या करें।
See Answer →निम्नलिखित प्रतिक्रिया में प्रतिक्रिया की ऊर्जा (Q-मान) की गणना करें:
और
लें।
किसी प्राचीन बस्ती के खंडहरों से प्राप्त लकड़ी के एक टुकड़े में 14C सक्रियता प्रति ग्राम कार्बन की मात्रा के लिए 14 विघटन प्रति मिनट पाई गई। जीवित काष्ठ में 14Cसक्रियता 16 विघटन प्रति मिनट प्रति ग्राम होती है। जिस वृक्ष का अंश यह लकड़ी का टुकड़ा था उसकी मृत्यु कितने समय पूर्व हुई थी? रेडियोकार्बन की अर्ध-आयु 5760 वर्ष लीजिए।
See Answer →) नाभिक के लिए प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा का संबंध स्थापित करें। Ni न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा परिकलित करें। दिया है:
के लिए प्रति
Ni का द्रव्यमान : 63.9280 u
प्रोट्रान का द्रव्यमान: 1.007825 u
न्यूट्रान का द्रव्यमान : 1.008665 u
क्या यह नाभिक स्थायी है?
See Answer →51 Cr की अर्ध. आयु 27.70 दिन है। कितने दिनों के बाद इस तत्त्व का केवल 10% बचेगा?
See Answer →सिद्ध करें कि किसी सममित विभव फलन (V(x) = V (-x)) के लिए पैरिटी संकारक हैमिल्टोनियन के साथ कम्यूट (commute) करता है। 2a चौड़ाई वाले सममित विभव कूप के निम्नलिखित तरंगफलनों की पैरिटी बताएं : (i) और (ii)
|
कोई कण V0 ऊँचाई के एक सोपान विभव का सामना करता है। यदि E = 1.5V0, हो, तो परावर्तन एवं संचरण गुणांकों के मान क्या है? सिद्ध करें कि R+T=1 |
See Answer →L लंबाई के बक्से में परिबद्ध (0
का मान और कण के x = x = 0 और x = L/4 के बीच पाये जाने की प्रायिकता का परिकलन करें।
एक कण का क्वांटम यांत्रिकीय तरंग फलन है:
इसके लिए (i) प्रसामान्यीकरण नियतांक N और (ii) कण की वह स्थिति जहां उसके पाये जाने की प्रायिकता सबसे अधिक हो, निर्धारित करें।
See Answer →हाइज़ेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत के आधार पर समझाए कि क्या एक कण, जो एक परिमित लंबाई वाले एक-विम बक्स में परिरूद्ध है, विरामस्थ हो सकता है?
See Answer →लेज़र द्वारा 200 µK के तापमान तक शीतलित किये गये 87Rb परमाणु की दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य परिकलित करें। (गतिज ऊर्जा मान लें।)
See Answer →किसी लक्ष्य पर आपतित 4.5 pm तरंग दैर्ध्य वाली X-किरणें प्रकीर्ण होती हैं। (i) 60° और (ii) 90° पर प्रकीर्ण फोटॉनों का तरंग दैर्ध्य परिकलित करें।
See Answer →
विराम द्रव्यमान 2.0 kg वाले कण की आरंभिक चाल 2.0×108 ms-¹ है। परिमाण 1.5×106N का एक अचर आपेक्षिकीय बल उस कण पर उसके आरंभिक रैखिक संवेग की दिशा में 1000 s तक लगाया जाता है। कण के आंरभिक और अंतिम आपेक्षिकीय रैखिक संवेग का परिमाण और अंतिम चाल परिकलित करें।
See Answer →एक कण पृथ्वी के वायुमंडल में 0.6c की चाल से चल रहा है। पृथ्वी पर स्थित प्रेक्षक उसके द्वारा चली गई दूरी का मान 4.0 km मापता है। अपने निर्देश तंत्र में कण द्वारा चली गई दूरी क्या है?
See Answer →
पृथ्वी के सापेक्ष एक अंतरिक्ष यान A की चाल 0.80c है। यदि एक अंतरिक्ष यान B, अंतरिक्ष यान A के सापेक्ष चाल 0.50c से गतिमान हो, तो पृथ्वी के सापेक्ष अंतरिक्ष यान B की चाल क्या होगी?
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