भयात और भभोग को उदाहरण से परिभाषित कीजिए।
See Answer →भारतीय ज्योतिष शास्त्र में ग्रहमैत्री की क्या उपयोगिता है? सिद्ध कीजिए।
See Answer →षड्वर्ग से क्या समझते हैं? वर्णन कीजिए।
See Answer →दृष्टि विचार की अवधारणा का उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।
See Answer →सूक्ष्म दशा और प्राण दशा की संकल्पना का वर्णन दीजिए।
See Answer →लग्न साधन का किसी उदाहरण के द्वारा विस्तृत वर्णन कीजिए।
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पञ्चांग द्वारा ग्रहों का तात्कालिक स्पष्टीकरण किस प्रकार होता है? उल्लेख कीजिए।
See Answer →कुण्डली निर्माण में चालन विधि व इष्टकाल का उल्लेख कीजिए।
See Answer →तात्कालिक ग्रह स्पष्ट में सूर्योदय तथा सूर्यास्त का क्या स्वरूप है? वर्णन कीजिए।
See Answer →बलाबल के निर्धारक अवयवों में राशि एवं ग्रह का स्वरूप निरूपित कीजिए।
See Answer →दशा साधन के आलोक में विंशोत्तरी दशा का वर्णन कीजिए।
See Answer →वार साधन का उल्लेख कीजिए।
See Answer →पर्व निर्णय में ज्योतिष शास्त्र की क्या भूमिका है?
See Answer →श्राद्ध से आप क्या समझते हैं? इसके नियम को संक्षेप में लिखिए।
See Answer →वेद प्रतिपादित पञ्चांग परम्परा का उल्लेख कीजिए।
See Answer →मुहूर्त की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।
See Answer →किन्हीं तीन संस्कारों की आवश्यकता का उल्लेख कीजिए।
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