अभिहितान्वयवाद का वर्णन करें
See Answer →स्ससूत्र' का विवेचन करें ।
See Answer →मम्मट के अनुसार काव्यप्रयोजन को स्पष्ट करें ।
See Answer →मम्मट के काव्य हेतु का विस्तार से वर्णन करें।
See Answer →काव्यप्रकाश के अनुसार व्यंजन शब्दशक्ति का विशद विवेचन क
See Answer →गद्यकाव्य के भेदों का विस्तार से वर्णन करें।
See Answer →काव्यशास्त्र के अभिप्राय एवं स्वरुप पर प्रकाश डालें ।
See Answer →धनपाल के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।
See Answer →नीति अथवा लोककथा से सम्बंधित किसी एक ग्रन्थ का परिचय लिखिए ।
See Answer →महाकवि भारवि की भाषाशैली की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
See Answer →शिवराजविजय' में वर्णित योगिराज का वर्णन कीजिए ।
See Answer →शुकनासोपदेश' के अनुसार चन्द्रपीड का वर्णन कीजिए।
See Answer →अम्बिकादत्त व्यास का जीवन परिचय लेख
See Answer →वैदिक एवं लौकिक गय को स्पष्ट कीजिए ।
See Answer →शिवराजविजय के आधार पर कन्या का वर्णन कीजिए।
See Answer →'शुकनासोपदेश' के आधार पर 'लक्ष्मी के स्वाभाव का वर्णन कीजिए।
See Answer →गद्यकाव्य की विकास यात्रा का वर्णन कीजिए ।
See Answer →पंडिता क्षमाराव के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालिए ।
See Answer →अथ स मुनिः "भगवान् गाधिरेण, प्रसादेन, प्रतापेन, तेजसा, वीर्येण, विक्रमेण, शांल्य, श्रिया, सौख्येन, धर्मेण विद्या च सममेव परलोकं सनथितवति तत्रभवति वीरविक्रमादित्ये, शनैः शनैः जगतविरोध-विशिथिली-कृतस्नेह बंध्नेषु राजसु, भामिनि-भूभद्ङ्ग-भूरिभाव-प्रभाव परभूत-वैभवेषु भतेषु, सावित-चिंता-संतान-वितानैकटनेश्वमात्यवर्गेषु, प्रशंसामात्राप्रियेषु प्रभुषु, 'इंद्रस्त्वं वरुणस्त्वं कुबेरस्त्वम्' इति वर्णनामात्रासक्तेषु बुधजनेषु कश्चन गजिनी-स्थाननिवासी महामदो यवनः ससेनः प्रविषद् भारते वर्षे। स च प्रजा विलुन्थ्य, मंदिराणि निपात्य, प्रतिमा विभी, पृष्ठशतं जनांश्च दासीकृत्य, शतश उष्टेषु रत्नान्यारोप्य स्वदेशमानैषीत्।
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