संस्कृत दिवस को उपलक्षित कर संस्कृत में निबन्ध लिखिए ।
See Answer →पद्यांश की ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए-
श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतः तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः ।
श्रेयः हि धीरः अभि प्रेयसो वृणीते प्रेयो मन्दो योगक्षेमाद् वृणीते ॥
See Answer →कालिदास के काव्यों के आधार पर मनुष्य और प्रकृति की एकरूपता पर विवेचन कीजिए।
See Answer →संस्कारों में उपनयन संस्कार के महत्व एवं उद्देश्यों पर टिप्पणी लिखिए।
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अथर्ववेद के सामनस्यम् सूक्त में वर्णित एकता और पारिवारिक सौहार्द के सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।
See Answer →विवाह संस्कार में अग्नि, सप्तपदी और मंगलाशंसाओं की प्रतीकात्मकता समझाइए ।
See Answer →वाल्मीकि रामायण में वर्णित आदर्श परिवार के गुणों का विवेचन कीजिए।
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पुरुषार्थचतुष्टय के प्रत्येक अंग का संक्षिप्त विवरण एवं उनके पारस्परिक संतुलन की आवश्यकता स्पष्ट कीजिए।
See Answer →गीता के अनुसार भक्तियोग और ज्ञानयोग के मूल तत्वों की तुलना कीजिए।
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गीता 14वें अध्याय के आधार पर सत्त्व, रजस् और तमस् की विशेषताओं का वर्णन कीजिए तथा इनके जीवन-व्यवहार पर प्रभाव बताइए।
See Answer →गीता के अनुसार मन, बुद्धि और इन्द्रियों का परस्पर क्रम व उनका आत्मा से सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।
See Answer →गीता के अनुसार "उद्धरेत् आत्माना" का तात्पर्य क्या है? आत्मोन्नति के साधनों सहित स्पष्ट कीजिए।
See Answer →उष्णिक्, बृहती और जगती वैदिक छंदों की विशेषताएँ लिखिए।
See Answer →भुजङ्गप्रयात, हरिगीतिका और वसन्ततिलका लौकिक छंदों का परिचय एवं उदाहरण दीजिए।
See Answer →वैदिक छंदों की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
See Answer →अक्षरवृत्त और मात्रावृत्त में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
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