दलित जीवन की भीषण सच्चाई का ' मशालची' के माध्यम से विवेचन कीजिए ।।
See Answer →मराठी दलित आत्मकथनों में 'अक्करमाशी' की विशिष्टता को रेखंकित कीजिए।
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'बुद्ध मरा पड़ा है' दलित राजनीति और अवसरवाद की प्रखर आलोचना है। उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
See Answer →बोधिवृक्ष पर तो फूल भी खिले
यह वृक्ष सभी ऋतुओं में झुलसा हुआ
धमनी-धमनी से फट पड़ती यातनाएं।
झर गए पत्ते महारोगी की उँगलियां हो जैसी।
आँखों में आंसुओं की बरसात लिए
तपती धूप जैसी जिंदगी में
दोपहर का सूरज ढलने तक
कतार दर कतार घुमकर
बिना कपास की पोटली छाती से चिपकाए
बाल बच्चों का भविष्य संवारते तुझे दिखा मैंने।
हम हमें खून की रकम नहीं चाहिए
हमें चाहिए हमारी चाह व्यक्त करने वाला
निर्भिक कंठ नया संविधान
नया देश नई धरती नया आकाश ।।
तूने कैसा न्याय किया है मां ?
उसको तकली दी और मुझे तानपुरा
उसको पोथी-पत्रा दिया और मुझे पिपिहरी
उसको कुंड दिया और मुझे छौना ?
See Answer →Stagflation
See Answer →Terms of Trade
See Answer →Pure public good
See Answer →Giffin good
See Answer →Direct and indirect taxes.
See Answer →Economic growth and economic development.
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