संस्कारों में उपनयन संस्कार के महत्व एवं उद्देश्यों पर टिप्पणी लिखिए।
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अथर्ववेद के सामनस्यम् सूक्त में वर्णित एकता और पारिवारिक सौहार्द के सिद्धांतों का वर्णन कीजिए।
See Answer →विवाह संस्कार में अग्नि, सप्तपदी और मंगलाशंसाओं की प्रतीकात्मकता समझाइए ।
See Answer →वाल्मीकि रामायण में वर्णित आदर्श परिवार के गुणों का विवेचन कीजिए।
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पुरुषार्थचतुष्टय के प्रत्येक अंग का संक्षिप्त विवरण एवं उनके पारस्परिक संतुलन की आवश्यकता स्पष्ट कीजिए।
See Answer →गीता के अनुसार भक्तियोग और ज्ञानयोग के मूल तत्वों की तुलना कीजिए।
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गीता 14वें अध्याय के आधार पर सत्त्व, रजस् और तमस् की विशेषताओं का वर्णन कीजिए तथा इनके जीवन-व्यवहार पर प्रभाव बताइए।
See Answer →गीता के अनुसार मन, बुद्धि और इन्द्रियों का परस्पर क्रम व उनका आत्मा से सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए।
See Answer →गीता के अनुसार "उद्धरेत् आत्माना" का तात्पर्य क्या है? आत्मोन्नति के साधनों सहित स्पष्ट कीजिए।
See Answer →उष्णिक्, बृहती और जगती वैदिक छंदों की विशेषताएँ लिखिए।
See Answer →भुजङ्गप्रयात, हरिगीतिका और वसन्ततिलका लौकिक छंदों का परिचय एवं उदाहरण दीजिए।
See Answer →वैदिक छंदों की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
See Answer →अक्षरवृत्त और मात्रावृत्त में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
See Answer →भारतीय संगीत में प्रयुक्त वाद्ययंत्रों के तीन प्रमुख वर्गों का उल्लेख एवं उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
See Answer →छंदों के महत्त्व पर संक्षिप्त निबंध लिखिए।
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छंदशास्त्र का संक्षिप्त परिचय दीजिए तथा इसके अध्ययन की आवश्यकता स्पष्ट कीजिए।
See Answer →शुश्रूषा कथमम्ब पत्युरिह मे कार्या सुते श्रद्धया
किं तातस्य यथा करोषि विधिना तद्वद्विधेया त्वया।
किं हि स्याद्यदि सेव्यते प्रतिदिनं प्रीतः स ते जायते
कान्तं चेन्न जहामि तद्भवति किं न त्वामसौहास्यति ।।
See Answer →ज्ञात्वा तद्गतिमादिदेश मतिमान् हेयास्त्वया नास्तिकाः
प्रह्लादः पितरं बलिः कुलगुरुं गोप्यः पतीनात्मनः ।
कैकयीं भरतो दशाननमपि ज्येठाग्रजंसोदरो
व्याचिक्षेप निराचकार मुमुचुस्तत्याज दूराञ्जहौ।।
See Answer →यस्याः सौधसुवर्णगोपुरमणिर्धम्मिल्लचूडामणिः
सामोदामलपुष्पकीर्णसुपथाः सौभाग्यमुक्तास्रजः ।
कासारोऽब्जपरागवारिविमलः सच्चित्रहेमांशुकम्
सा कुर्खीति पुरा बभूव नगरी लावण्यभूर्मालवे ||
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