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Question:

कालिदास के महाकाव्यों पर लेख लिखिए ।

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भर्तृहरि के शतकत्रय का वर्णन कीजिए ।

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Question:

आचार्य विश्वनाथ के अनुसार खण्डकाव्य पर प्रकाश डालिये।

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Question:

मुक्तक काव्य की उत्पत्ति और विकास पर प्रकाश डालिये।

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कथाप्रसङ्गेन जनैरुदाहृतादनुस्मृताखण्डलसूनुविक्रम: ।

तवाभिधानाद् व्यथते नतानन: स दु:सहन्मन्त्रपदादिवोरग:॥

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 कृताभिषेकां हुतजातवेदसं त्वगुत्तरासङगवतीमधीतिनीम् ।

दिदृक्षवस्तामृषयो अभ्युपागमन् न धर्मवृद्धेषु वय: समीक्ष्यते ।।

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 श्रिय:कुरूणामधिपस्य, पालनीं प्रजासु वृत्तिं यमयुङ्‌क्त वेदितुम् ।

स वर्णिलिङ्गी विदित: समाययौ, युधिष्ठिरं द्वैतवने वनेचर: ।।

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शक्यो वारयितुं जलेन हुतभुक् छत्रेण सूर्यातपो

नागेन्द्रो निशिताङ्कुशेन समदो दण्डेन गौर्गर्दभौ।

व्याधिर्भेषजसंग्रहैश्च विविधैर्मन्त्रप्रयोगैर्विषं

सर्वस्यौषधमस्ति शास्त्रविहितं मूर्खस्य नास्त्यौषधम् ।।

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अवस्तुनिर्बन्धपरे कथं नु ते करोऽयमामुक्तविवाहकौतुकः ।

करेण शम्भोर्वलयीकृताहिना सहिष्यते तत् प्रथमावलम्बनम् ।।

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मा निषादप्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वती समाः ।

यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ।।

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गद्य साहित्य के उद्भव एवं विकास पर लेख लिखिए।

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कालिदास की काव्यशैली का वर्णन कीजिए ।

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Question:

त्रिविक्रमभट्ट के व्यक्तित्व व रचनाओं पर लेख लिखिए ।

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महाकवि बाणभट्ट की काव्यशैली का वर्णन कीजिए।

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नैषधीयचरितम् के प्रथमसर्ग के आधार पर वन शोभा का वर्णन कीजिए।

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नैषधीयचरितम् के लेखक की भाषा शैली की विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।

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प्रयातुमस्माकमियंकियतपदं धरातदम्भोधिरापिस्थलायताम्।

इतीववाहैनिजवेगदर्पितैः पयोधिरोधक्षममुद्धतरं जः ।।

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त्रिदिवसमृद्धिस्पर्द्धया भान्ति यस्यां

सुरसदनशिखाग्रेष्वग्रहग्रन्थिनद्धा।

नभसि पवनवेल्लत्पल्लवैरल्लसद्भिः

परममिह वहन्त्यो वैभवं वैजयन्त्यः।।

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ये कुन्दद्युतयः समस्तभुवनैः कर्णावतंसीकृता

यैः सर्वत्र शलाकयेव लिखितैर्दिग्भित्तयश्चित्रिताः।

यैर्वक्तुं हृदि कल्पितैरपि वयं हर्षेण रोमाञ्चिता

स्तेषां पार्थिवपुंगवः स महतामेको गुणानां निधिः।।

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वितरति गुरु: प्राज्ञे विद्यां यथैव तथा जडे

न तु खलु तयोर्ज्ञाने शक्तिं करोत्यपहन्ति वा ।

भवति हि पुनर्भूयान् भेदः फलं प्रति तद्यथा

प्रभवति शुचिर्बिम्बग्राहे मणिर्न मृदादयः ।।

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